चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड के पूरा चेता दुबे गांव में एक पैतृक जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर की गई है, जिससे फर्जी रजिस्ट्री कराने वालों में हड़कंप मच गया है।
मामला स्वर्गीय शमसुद्दीन के बेटों सलाउद्दीन और अरशद हुसैन की जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पैतृक जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करा ली गई।
पीड़ित सलाउद्दीन लंबे समय से पश्चिम बंगाल में रहते हैं, जबकि उनके परिवार के सदस्य गांव में खेती करते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पूरा सीता मिश्र निवासी मनीष मिश्रा ने किसी अज्ञात व्यक्ति को खड़ा करके यह फर्जी रजिस्ट्री कराई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश सरकार भू-माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा कर रही है।
इस मामले में एक महीने बाद एफआईआर दर्ज की गई है। रजिस्ट्री कराने वाली लक्ष्मीना देवी ने बताया कि उनके गांव के बगल के गांव के निवासी मनीष मिश्रा ने उन्हें जमीन दिलाई थी और दूसरे व्यक्ति को खड़ा करके फर्जी कागजात बनाकर रजिस्ट्री कराई थी।
तत्कालीन क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी ने मामले का संज्ञान लेकर जांच का निर्देश दिया था और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, फर्जी रजिस्ट्री करने वाला व्यक्ति पगही गांव के पास मनीष मिश्रा के मकान में रहकर कबाड़ बीनने का काम करता था। खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद से मनीष मिश्रा भी क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहे हैं। धानापुर पुलिस ने मनीष मिश्रा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (318(4), 338, 336, 340(2), 319(1)) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी एस.एस. आदर्श ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
धानापुर विकासखंड के पूरा चेता दुबे गांव में एक पैतृक जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया










