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बभनी क्षेत्र में दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस पर लापरवाही का आरोप, एफआईआर न होने से आक्रोश

पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी

सोनभद्र थाना बभनी अंतर्गत ग्राम चकड़ी निवासी एक महिला ने दुष्कर्म की घटना के बाद न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 की रात करीब 3 बजे, जब उसके पति और पुत्र एक शादी समारोह में गए हुए थे, वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान पड़ोसी गांव चपकी निवासी एक युवक कथित रूप से उसके घर में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद पीड़िता के परिजन भी वहां आ गए। बताया जाता है कि उस समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर से आवाजें आ रही थीं। ग्रामीणों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया, जहां आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि थाना बभनी पुलिस ने आरोपी को थाने ले जाने के बजाय रास्ते में ही छोड़ दिया। इसके बाद पीड़िता के पति को थाने बुलाकर लगभग तीन दिनों तक बैठाए रखा गया, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

आरोप यह भी है कि उल्टा पीड़िता के पति पर शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत कार्रवाई कर दी गई। साथ ही पुलिस द्वारा समझौते का दबाव बनाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की भी शिकायत की गई है।

इस प्रकार के मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म), धारा 452 (घर में घुसकर अपराध करना) तथा धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही, पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना या आरोपी को छोड़ना कर्तव्य में लापरवाही की श्रेणी में आ सकता है।

घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज न होने से पीड़िता और उसका परिवार चिंतित है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की मांग की है 

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