सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश
पूर्वांचल राज्य
वाराणसी। आगामी मानसून को देखते हुए शहर में जलजमाव और गंदगी की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों से कहा कि शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्धस्तर पर कराई जाए तथा नालों से निकाली गई सिल्ट और मलबे का समय से उठान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सिल्ट सड़क किनारे पड़ी मिली या दोबारा नालों में बहती पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मंत्री ने कहा कि केवल नालों की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में लगातार निरीक्षण करने और छोटी-छोटी जनसमस्याओं को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय के अभाव में जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए मंत्री ने शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए तत्काल पैचवर्क शुरू कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सड़कों के किनारे बेतरतीब ढंग से पड़े पत्थरों, ईंटों और निर्माण सामग्री पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए ऐसे सभी अवरोधों को तत्काल हटाकर सड़कों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।
नगर विकास मंत्री ने सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के 18 वार्डों में सीवर नेटवर्क को दुरुस्त करने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संगम लाल, अमित कुमार, विनोद गुप्ता, मुख्य अभियंता आरके सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, एनएसए एसके चौधरी समेत कई अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।










