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“सर, जिंदगी का सवाल है…” UP TGT परीक्षा में 5 मिनट लेट होने पर रो पड़ा छात्र; कड़े पहरे में खुले महिलाओं के जूड़े!

UP TGT परीक्षा: ‘सर प्लीज गेट खोल दीजिए, जिंदगी का सवाल है’, 5 मिनट की देरी और टूट गया सपना; इंग्लिश के पेपर पर ‘आउट ऑफ सिलेबस’ का आरोप

लखनऊ/कानपुर/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रही TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा के दूसरे दिन की पहली पाली गुरुवार को संपन्न हो गई। परीक्षा का दूसरा दिन बेहद भावुक, कड़े सुरक्षा नियमों और छात्रों के भारी आक्रोश से भरा रहा। एक तरफ जहाँ महज 5 मिनट की देरी के कारण कई अभ्यर्थियों का सालभर का सपना टूट गया, वहीं परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने बोर्ड पर आउट ऑफ सिलेबस पेपर सेट करने का गंभीर आरोप लगाया है।

“सर, जिंदगी का सवाल है, गेट खोल दीजिए प्लीज… आप भी किसी के पिता होंगे।”

— प्रयागराज परीक्षा केंद्र के बाहर रोते-गिड़गिड़ाते एक अभ्यर्थी के शब्द

🛑 5 मिनट की देरी और बंद हो गए भविष्य के दरवाजे

प्रदेश के कई केंद्रों से बेहद भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। कड़े नियमों के चलते परीक्षा केंद्रों पर 5 मिनट की देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भी एंट्री नहीं दी गई।

  • प्रयागराज में गिड़गिड़ाता रहा अभ्यर्थी: प्रयागराज में एक छात्र ठीक 5 मिनट लेट पहुंचा। वह केंद्र के मुख्य द्वार पर तैनात शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर रोता रहा, लेकिन गेट नहीं खोला गया।

  • हाथरस में सेंटर की उलझन ने डुबोया साल: अलीगढ़ से हाथरस परीक्षा देने पहुंची रीना ने रोते हुए बताया, “मैं समय पर निकली थी, लेकिन गलती से दूसरे सेंटर पर चली गई। जब तक सही सेंटर पर पहुंची, 5 मिनट की देरी हो चुकी थी। उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी।”

🔍 मेटल डिटेक्टर से लेकर महिलाओं के जूड़े तक खुले, सख्त चेकिंग

पेपर लीक और नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम दिखे। बायोमेट्रिक अटेंडेंस और एडमिट कार्ड की गहन जांच के साथ-साथ:

  • जूते और गहने उतरवाए: कानपुर समेत कई जिलों में अभ्यर्थियों के जूते बाहर ही उतरवा लिए गए।

  • महिलाओं की सख्त तलाशी: महिला अभ्यर्थियों के बालों के क्लचर, चूड़ियां, कंगन, पायल, बिछिया और बालियां तक उतरवा दी गईं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई केंद्रों पर महिलाओं के जूड़े (बाल) तक खुलवाकर तलाशी ली गई।

📢 छात्रों का फूटा गुस्सा: “TGT परीक्षा में NET लेवल के सवाल!”

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर मायूसी और गुस्सा साफ नजर आया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा का स्तर तय पाठ्यक्रम के मुताबिक बिल्कुल नहीं था।

  • इंग्लिश का पेपर ‘आउट ऑफ सिलेबस’: जौनपुर से प्रयागराज आए राहुल वर्मा ने बताया, “सिलेबस में 4 राइटर्स दिए गए हैं, लेकिन उनसे सिर्फ 5 से 10% सवाल ही आए। बाकी 90% पेपर पूरी तरह सिलेबस से बाहर था।”

  • टीजीटी में नेट (NET) लेवल के प्रश्न: प्रतापगढ़ की हुमा फरीद ने नाराजगी जताते हुए कहा, “पेपर देखकर लगा ही नहीं कि यह TGT का है। ऐसा लगा जैसे हम पीजीटी या नेट (NET) का एग्जाम दे रहे हैं। जो चीज सिलेबस में ही नहीं है, उसे कठिन या आसान कैसे कहें?”

  • बायोलॉजी भी रही कठिन: आगरा से परीक्षा देकर निकले छात्रों के अनुसार, जहाँ इंग्लिश ने खून के आंसू रुलाए, वहीं बायोलॉजी का पेपर भी उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन रहा।

⚠️ “नोचकर आधा फाड़ा गया था पेपर” – आजमगढ़ के सेंटर पर हंगामा

गोरखपुर के एक केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे बी.एल. यादव ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया:

“मुझे जो प्रश्नपत्र मिला, उसकी सील पहले से खुली हुई थी। पेपर इस तरह फटा था जैसे किसी ने उसे नोचकर आधा फाड़ दिया हो। जब हमने विरोध किया और सेक्टर मजिस्ट्रेट को बुलाने की मांग की, तो अधिकारियों ने हमारी मांग दबा दी और दबाव बनाकर परीक्षा दिलवाई।”

📊 UP TGT परीक्षा: एक नजर में आंकड़े

बुधवार को परीक्षा के पहले दिन प्रदेशभर में 11 फर्जी अभ्यर्थी (साल्वर) पकड़े गए थे, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरी परीक्षा का पैमाना इस प्रकार है:

विवरण आंकड़े
कुल पद (वैकेंसी) 3,539
कुल आवेदक (अभ्यर्थी) 8,68,531
कुल परीक्षा केंद्र 614 (36 जिलों में)
परीक्षा मोड 2 पालियों में (ऑफलाइन)

परीक्षा को लेकर पूरे प्रदेश में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर है, लेकिन आउट ऑफ सिलेबस और फटे हुए प्रश्नपत्रों के आरोपों ने एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन को विवादों के घेरे में ला दिया है।

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