प्रयागराज | उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी (सपा) लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रत्नेश यादव की बुधवार देर रात एक भयानक सड़क हादसे में मौत हो गई। सिविल लाइंस इलाके में देर रात करीब 1 बजे उनकी तेज रफ्तार ब्रेजा कार बेकाबू होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। इस हादसे में कार सवार उनके तीन दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, रत्नेश के छोटे भाई के बयानों और चोट के निशानों ने इस हादसे पर रहस्य का गहरा पर्दा डाल दिया है।
🔴 मुख्य बिंदु (Key Highlights)
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सपा नेता की मौत: लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रत्नेश यादव की देर रात सड़क हादसे में जान गई।
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भयानक एक्सीडेंट: सिविल लाइंस क्षेत्र में पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, सीसीटीवी (CCTV) वीडियो भी आया सामने।
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भाई का सनसनीखेज आरोप: “सिर के बीचो-बीच गहरा घाव है, रात 11 बजे किसी ने फोन करके बुलाया था।”
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पुलिस का बयान: एसीपी (ACP) सिविल लाइंस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि यह एक सड़क दुर्घटना थी।
🚨 अचानक सामने आया कुत्ता और हो गया बड़ा हादसा
हंडिया क्षेत्र के दमदम गांव के रहने वाले 35 वर्षीय रत्नेश यादव राजनीति के साथ-साथ शहर में ‘ग्लोबल ग्राफिक्स’ के नाम से बड़ा प्रिंटिंग प्रेस का बिजनेस भी संभालते थे।
बुधवार की रात काम खत्म करने के बाद रत्नेश अपनी कार से तीन दोस्तों—हिमांशु त्रिपाठी, सूर्या यादव और संदीप कुमार के साथ सिविल लाइंस गए थे। कार हिमांशु चला रहा था और रत्नेश पीछे की सीट पर बैठे थे।
घायल दोस्त हिमांशु के मुताबिक, रात करीब एक बजे डोसा प्लाजा चौराहे के पास अचानक गाड़ी के सामने एक कुत्ता आ गया। कुत्ते को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार कार बेकाबू हो गई और सीधे सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। ड्राइवर सीट का एयरबैग खुलने से हिमांशु की जान बच गई, लेकिन रत्नेश को नहीं बचाया जा सका।
🔍 एक्सीडेंट या कुछ और? भाई के दावों से गहराया रहस्य
एक तरफ जहां पुलिस और कार सवार दोस्त इसे महज एक हादसा बता रहे हैं, वहीं रत्नेश के छोटे भाई मिथलेश यादव ने मामले में एक नया और गंभीर एंगल जोड़ दिया है।
मृतक के भाई मिथलेश का बड़ा बयान:
“बुधवार शाम 7 बजे भइया के पास किसी का फोन आया था, जिसने रात 11 बजे मिलने की बात कही थी। भइया ने खुद डोसा प्लाजा रेस्टोरेंट फोन करके कार में ही डोसा मंगवाया था। भइया के सिर के बीचो-बीच गहरा घाव है, माथे से लेकर पीछे तक सिर फटा हुआ है, जबकि शरीर पर और कहीं चोट नहीं है। हमें इस पूरी घटना में साजिश की बू आ रही है।”
👮 पुलिस प्रशासन और जांच की स्थिति
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने रत्नेश को मृत घोषित कर दिया। रत्नेश अपने पीछे पत्नी अंशु यादव और जुड़वां बेटियां रिद्धि-सिद्धि को छोड़ गए हैं। इस मामले पर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है:
| अधिकारी का नाम | पद | आधिकारिक बयान / अपडेट |
| विद्युत गोयल | एसीपी, सिविल लाइंस (प्रयागराज) | सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की गई है, जिससे साफ नजर आ रहा है कि यह एक सड़क दुर्घटना है। कार में सवार तीनों घायल दोस्तों से भी पूछताछ की गई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। |










