पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज। गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर शिकारपुर स्थित नारायणी शाखा नहर का पुल दिन-प्रतिदिन क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। पुल पर बने गड्ढे लगातार बड़े होते जा रहे हैं, जिससे यह मार्ग यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
यह पुल महराजगंज, घुघली, सिंदुरिया, निचलौल, ठूठीबारी, कुशीनगर, बिहार तथा नेपाल सीमा की ओर जाने वाले हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही इसी पुल से होती है। पहले पुल पर एक छोटा गड्ढा बना था, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते अब वह कई बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
पुल से गुजरने वाले वाहन इन गड्ढों में गिरकर जोरदार आवाज के साथ उछलते हैं, जिससे चालक और यात्री सहम जाते हैं। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ रही क्षति के बावजूद संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह जर्जर पुल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होगी, तब तक शायद जिम्मेदारों की नींद नहीं खुलेगी।”
मौत को दावत देता शिकारपुर का जर्जर पुल, हर दिन बढ़ रहा खतरा — जिम्मेदार बेखबर!










