मैनपुरी/सैफई:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नई और दिलचस्प तस्वीर देखने को मिल रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव का एक नया और गहरा आध्यात्मिक अवतार सामने आया है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जब मैनपुरी और सैफई के दौरे पर पहुंचे, तो सपा कुनबे ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका स्वागत किया।
सबसे ज्यादा चर्चा डिंपल यादव के समर्पण और उनकी श्रद्धा की हो रही है। उन्होंने न सिर्फ शंकराचार्य के सामने माथा टेका और विधि-विधान से आरती उतारी, बल्कि खुद को ‘यदुवंशी’ बताते हुए आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान उनके साथ सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद रहे।
🔱 सैफई में गूंजा ‘जय श्री कृष्ण’, डिंपल बोलीं- “हम यदुवंशी हैं…”
शंकराचार्य के मैनपुरी से सैफई पहुंचते ही स्वागत की कमान खुद डिंपल यादव ने संभाल ली। मंच पर जब डिंपल यादव ने शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया, तो उन्होंने अपनी जड़ों को याद करते हुए कहा:
“हम यदुवंशी हैं। भगवान कृष्ण के वंशज होने के नाते संतों और सनातन परंपरा का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है।”
डिंपल के इस बयान और उनकी गहरी आस्था ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। उनके इस बदले अंदाज को सोशल मीडिया पर भी जमकर शेयर किया जा रहा है।
📸 वायरल पल: आरती उतारी, लिया आशीर्वाद
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पहला पड़ाव (मैनपुरी): शंकराचार्य के मैनपुरी आगमन पर डिंपल यादव ने सबसे पहले पहुंचकर अगवानी की।
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दूसरा पड़ाव (सैफई): सैफई में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में डिंपल यादव और शिवपाल सिंह यादव ने शंकराचार्य महाराज के चरणों में शीश नवाया, उनकी भव्य आरती उतारी और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
🎯 क्या सपा का नया ‘हिंदुत्व चेहरा’ बन रही हैं डिंपल यादव?
राजनीतिक गलियारों में डिंपल यादव के इस रुख को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे सपा की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है:
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सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर झुकाव: सपा पर अक्सर विपक्षी दल तुष्टिकरण के आरोप लगाते रहे हैं। डिंपल का यह कदम पार्टी की छवि को संतुलित करने की कोशिश माना जा रहा है।
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यादव वोट बैंक को संदेश: खुद को ‘यदुवंशी’ बताकर डिंपल ने अपने कोर वोटर (यादव समाज) को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का बड़ा दांव खेला है।
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महिला और सनातनी वोटर्स पर नजर: डिंपल यादव का यह शालीन और धार्मिक रूप महिला मतदाताओं के साथ-साथ पारंपरिक हिंदू वोटर्स को भी आकर्षित कर रहा है।
👥 शिवपाल यादव का मिला साथ, मजबूत हुआ ‘कुनबा’
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान चाचा शिवपाल सिंह यादव और डिंपल यादव की केमिस्ट्री भी देखने लायक थी। दोनों ने साथ मिलकर शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया, जिससे यह साफ संदेश गया कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की विरासत और संस्कार आज भी सैफई परिवार में पूरी तरह जिंदा हैं।
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