पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज, आनंदनगर क्षेत्र के बस स्टेशन, धानी ढाला तहसील चौराहा और महराजगंज चौराहा के आस-पास प्राइवेट बसों में खुले तौर पर ठंडा पेयजल बेचने का कारोबार जोरों पर है। यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर बसों में चढ़कर स्थानीय वेंडर बिना किसी ट्रेडमार्क, लेबल या गुणवत्ता मानक के पानी की बोतलें और रिपैकेज्ड पानी बेच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य के गंभीर जोखिम बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी न तो किसी प्रमाणित स्रोत से आता है और न ही उस पर एक्सपायरी डेट या पैकेजिंग की कोई जानकारी दी जाती है। ड्राइवर और कंडक्टर भी प्रतिबंधित नियमों की परवाह किए बगैर वेंडरों को बसों में बैठने और यात्रियों को पानी बेचने की अनुमति दे देते हैं। विशेषकर प्राइवेट बसों में यह कार्य अधिक देखा जा रहा है।
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि वेंडर अक्सर खुला या री-फिल किया गया पानी छोटी-बड़ी बोतलों में भरकर बेचते हैं, जिनमें साफ़-सुथरी पैकेजिंग और ब्रांड नाम नहीं होते। इस तरह के पानी से पेट संबंधी बीमारियाँ, फूल-फूँक के संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि बिना प्रमाणित स्रोत के पानी का सेवन संक्रमण और बैक्टीरियल रोगों का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों और नगर प्रशासन से अनुरोध
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह के अवैज्ञानिक एवं अनियमित व्यापार को खतरनाक बता रहे हैं और प्रशासन से कड़ी निगरानी की मांग कर रहे हैं। नगर पालिका और खाद्य सुरक्षा विभाग को चाहिए कि वे बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर पानी बेचने वाले वेंडरों की पहचान कर उनके स्रोत और पैकेजिंग की जांच करें। सार्वजनिक स्थानों पर जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणित बोतलों या पेयजल स्टॉल की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।
यात्री सुझाव और जागरूकता
स्थानीय यात्रियों का सुझाव है कि लोग अनियंत्रित स्रोतों से पानी न खरीदें और अपने साथ खुद का सैनेटाइज़्ड पानी लेकर यात्रा करें। साथ ही, प्रशासन और परिवहन विभाग को ड्राइवर तथा कंडक्टरों को निर्देश देना चाहिए कि वे अनियमित वेंडरों को बसों में चढ़ने की अनुमति न दें।
प्रतिक्रिया
इस मामले में महराजगंज नगर पालिका और परिवहन विभाग से हमारी टिप्पणी का इंतजार है। अगर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की तरफ से कार्रवाई की गई तो उस पर अपडेट दिया जाएगा।
प्राइवेट बसों में खुले तौर पर बिक रहा असुरक्षित पेयजल, यात्री स्वास्थ्य को खतरा









