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कानपुर देहात में नोन नदी के पास एक तालाब से सेना ग्रेड का मोर्टार शेल बरामद।
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वीडियो वायरल: खतरे से अनजान एक स्थानीय युवक मोर्टार को हाथ में उठाकर दौड़ता दिखा।
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पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में पूरे इलाके को सील (घेराबंदी) किया।
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जांच और डिफ्यूज करने के लिए बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और FSL की टीमें मौके पर मौजूद।
मछली पकड़ने के दौरान दिखा ‘बम’
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। बुधवार को जिले के एक स्थानीय गांव में नोन नदी के पास बने तालाब में अचानक एक मोर्टार शेल (जिंदा बम) मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय युवक तालाब और नदी के समीप मछली पकड़ने और नहाने गए थे। इसी दौरान पानी के नीचे उन्हें एक भारी, लोहे जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जब उसे बाहर निकाला गया, तो वह सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला मोर्टार शेल निकला।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: जान जोखिम में डालकर भागा युवक
⚠️ बड़ी लापरवाही: जैसे ही तालाब से मोर्टार शेल बाहर निकाला गया, वहां मौजूद ग्रामीणों में कौतूहल मच गया। इस बीच, खतरे से पूरी तरह अनजान एक स्थानीय युवक उस भारी-भरकम मोर्टार शेल को अपने हाथ में पकड़कर दौड़ता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिसफायर हुआ मोर्टार शेल बेहद संवेदनशील होता है और मामूली घर्षण या झटके से भी फट सकता था, जिससे बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पुलिस ने इलाका किया सील, बुलाई गई FSL और बम स्क्वॉड टीम
जैसे ही इस बात की भनक स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधान को लगी, तुरंत इसकी सूचना कानपुर देहात पुलिस को दी गई। मामले की संवेदनशीलता और खतरे को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
कानपुर देहात पुलिस ने तुरंत मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमों को जांच और मोर्टार को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने के लिए बुलाया गया है।
प्रशासन का बड़ा सवाल: तालाब में कहाँ से आया सैन्य मोर्टार?
अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन तफ्तीश में जुट गई हैं कि आखिर सेना की आर्मामेंट श्रेणी का यह मोर्टार शेल इस ग्रामीण इलाके के तालाब में कैसे पहुंचा? क्या यह सालों पुराना कोई मिसफायर शेल है जो बहकर यहां आया, या फिर इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और बम स्क्वॉड की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
प्रशासन की अपील: पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे तालाब या नदी के आसपास न जाएं और किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ लगाने के बजाय तुरंत डायल-112 पर सूचना दें।










