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PMO का कड़ा रुख: प्रधानमंत्री कार्यालय ने राम मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
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भाजपा नेता का पत्र: बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की थी।
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बड़ा आरोप: मंदिर के चढ़ावे और दान में करीब 7 करोड़ रुपए की हेराफेरी और चोरी का दावा।
अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे में कथित तौर पर ₹7 करोड़ की चोरी के दावे ने देश के सियासी और धार्मिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, PMO ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस पूरे मामले पर तत्काल और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बीजेपी नेता के पत्र के बाद हरकत में आया PMO
यह पूरा मामला मंगलवार को उस वक्त गर्मा गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक आधिकारिक पत्र भेजा। इस पत्र में उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में करीब 7 करोड़ रुपए की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया। डॉ. सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की थी।
भाजपा नेता के इस पत्र के महज 24 घंटे के भीतर पीएमओ का एक्शन में आना यह साफ करता है कि केंद्र सरकार राम मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या वित्तीय गड़बड़ी के आरोप को बेहद गंभीरता से ले रही है।
क्या है पूरा विवाद? (Key Points)
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चढ़ावे में हेराफेरी का दावा: आरोप है कि मंदिर में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और दान राशि में से लगभग 7 करोड़ रुपए गायब किए गए हैं।
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ऑडिट और पारदर्शिता पर सवाल: इस दावे के बाद मंदिर ट्रस्ट के अकाउंटिंग और सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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ट्रस्ट की प्रतिक्रिया का इंतजार: पीएमओ द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जवाब पर सबकी नजरें टिकी हैं।
“राम मंदिर करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। यहां के चढ़ावे में एक पैसे की भी हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी है, इसलिए मैंने पीएम से सीबीआई जांच की मांग की है।” — डॉ. रजनीश सिंह, भाजपा नेता (प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के अंश)
सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ मामला, वायरल होने की वजह
राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, यही वजह है कि यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। पीएमओ के इस त्वरित एक्शन (Strict Action) के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस कथित चोरी के पीछे का पूरा सच सामने आ जाएगा।
इस मामले में ट्रस्ट का क्या आधिकारिक बयान आता है और क्या वाकई इसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी, इस पर हमारी नजर बनी हुई है।









