लखनऊ | डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आज नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-Exam) आयोजित की जा रही है। 3 मई को हुई पहली परीक्षा के पेपर लीक होने और 12 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद आज सूबे के 59 जिलों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी इस महा-परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
चूंकि मामला पेपर लीक से जुड़ा था, इसलिए इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उत्तर प्रदेश प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। परीक्षा केंद्रों पर ऐसी अभूतपूर्व और कड़ी सुरक्षा देखी जा रही है, जिसने सुरक्षा बलों के भी पसीने छुड़ा दिए हैं।
कलावा से लेकर हिजाब तक… सेंटर्स पर हुई कड़ी चेकिंग
दोपहर 2 बजे से शुरू हुई इस परीक्षा के लिए सुबह 11 बजे से ही सेंटर्स पर एंट्री शुरू कर दी गई थी। इस दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गाइडलाइंस का बेहद सख्ती से पालन कराया गया:
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नोएडा में उतरा कलावा: नोएडा के सेंटर्स पर एंट्री से पहले छात्र-छात्राओं के हाथों से कलावा और पहनी हुई ज्वैलरी (आभूषण) तक उतरवा ली गई।
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झांसी में ईयररिंग पर रोका: झांसी में एक छात्र ईयररिंग (कान की बाली) पहनकर पहुंचा था, जिसे गेट पर ही रोक दिया गया। ईयररिंग उतारने के बाद ही उसे अंदर जाने की अनुमति मिली।
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लखनऊ में हिजाब की सघन जांच: राजधानी लखनऊ में हिजाब पहनकर पहुंचीं महिला कैंडिडेट्स की महिला सुरक्षाकर्मियों द्वारा सघन और कड़ी जांच की गई, जिसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिला।
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आजमगढ़ में बालों की चेकिंग: आजमगढ़ में सुरक्षा का आलम यह था कि अभ्यर्थियों के जूते-मोजे उतरवाने के साथ-साथ उनके बालों की भी बारीकी से चेकिंग की गई।
“जब पेपर लीक हुआ तो मैं रोने लगी थी…” – अभ्यर्थियों का दर्द
इस री-एग्जाम को लेकर छात्रों के भीतर भारी मानसिक तनाव और गुस्सा भी देखने को मिला।
अभ्यर्थी विदुषी चौधरी (सहारनपुर): “जब पहली बार पेपर लीक की खबर आई, तो मैं रोने लगी थी। हमें दोबारा से पूरी पढ़ाई करनी पड़ी।”
अभ्यर्थी नारिस त्यागी (सहारनपुर): “यह मेरा पहला अटेम्प्ट था। लीक होने के बाद फिर से तैयारी की, लेकिन इस बार एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में भी काफी दिक्कतें आईं।”
छात्राओं का कहना है कि NTA को पेपर लीक माफियाओं पर ऐसा कड़ा एक्शन लेना चाहिए जिससे भविष्य में दोबारा ऐसा न हो, क्योंकि 22-23 लाख बच्चों की एक-दो साल की पूरी मेहनत इस लीक चक्रव्यूह में बेकार हो जाती है।
इस बार क्या बदले नियम और क्या रहीं सुविधाएं?
| विशेष बिंदु | विवरण |
| 15 मिनट एक्स्ट्रा | इस बार परीक्षा के लिए छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है। |
| GPS लगी गाड़ियां | सुरक्षा के मद्देनजर प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक जीपीएस (GPS) लगी गाड़ियों से पहुंचाया गया। |
| रोडवेज किराए में 50% छूट | यूपी सरकार ने परीक्षा देने जा रहे कैंडिडेट्स को रोडवेज बसों के किराए में 50% की बड़ी राहत दी है। |
| गर्मी से बचाव के इंतजाम | बरेली में भीषण गर्मी के बीच 24 केंद्रों पर 11,000 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, जहाँ धूप से बचने के लिए टेंट और छातों की व्यवस्था देखी गई। |
पैरेंट्स असमंजस में: फायदा या नुकसान?
नोएडा में परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावकों का मिलाजुला रुख देखने को मिला। कुछ पैरेंट्स का मानना है कि एक महीने में दो बार परीक्षा होने से बच्चों की तैयारी और मजबूत हो जाती है। वहीं, कुछ इस बात से डरे हुए हैं कि जिन बच्चों का 3 मई का पेपर बहुत अच्छा गया था, आज का पेपर कठिन आने पर उनका क्या होगा।
फिलहाल, चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा जारी है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार बिना किसी धांधली के बच्चों को उनके सपनों का मेडिकल कॉलेज मिल सकेगा।










