पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा शिकारपुर में संचालित देसी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तीनों शराब की दुकानें आबादी और प्रसिद्ध कोटही माता मंदिर के बीच स्थित मार्ग पर संचालित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक और धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानों के आसपास 10 से 15 तक चिखना, भुजा व अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आरोप है कि इन दुकानों से प्रति माह एक तय राशि लेकर भूमि स्वामी अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यह पूरा संचालन निर्धारित मानकों के विपरीत हो रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही शराब की दुकानों के बाहर भीड़ जुटने लगती है, जिससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। महिलाओं, छात्राओं और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अमर्यादित माहौल बनने से परिवारों का निकलना भी कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि शराब की दुकानों के स्थान का नियमानुसार सत्यापन कराया जाए। यदि दुकानें आबादी और धार्मिक स्थल से निर्धारित दूरी के मानकों का उल्लंघन करती पाई जाएं तो उन्हें तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
आबादी और मंदिर के बीच मुख्य मार्ग पर शराब का ‘कॉरिडोर’! तीन दुकानों पर ग्रामीणों का फूट रहा गुस्सा, जांच की उठी मांग










