नई दिल्ली/वायनाड। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसमें जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
“देशभर के लोगों ने श्रद्धा से दिया था चंदा”
केरल के वायनाड कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ योगदान दिया था। यदि उस चंदे में कथित अनियमितता हुई है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए केवल बड़े उद्योगपतियों ने ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों, महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग किया था। ऐसे में उस धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं का दायित्व था।
सरकार से पूछा— जवाबदेह कौन?
प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि जिस धन को पूरे देश से अभियान चलाकर एकत्र किया गया, उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितता कैसे हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
प्रारंभिक जांच के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
सरकार का पक्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
अब इस मामले की जांच पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट, संभावित कानूनी कार्रवाई और ट्रस्ट स्तर पर लिए जाने वाले आगामी निर्णय आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेंगे।









