पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र। रेणुकूट वन प्रभाग के डीएफओ कमल कुमार के निर्देशन में वन महोत्सव सप्ताह (1 जुलाई से 7 जुलाई) के तहत पिपरी रेंज में गुरुवार को दूसरे दिन पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत रेणुकूट की अध्यक्ष श्रीमती ममता सिंह ने पौधरोपण कर वन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते वन क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का दायित्व निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।
श्रीमती ममता सिंह ने वन विभाग द्वारा वन महोत्सव के तहत चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधों की देखभाल को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने की अपील की।
उन्होंने वन महोत्सव को जनभागीदारी का अभियान बताते हुए क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों तथा युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधरोपण कर हरित पर्यावरण का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए वन महोत्सव अभियान को सफल बनाने का भरोसा जताया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव सप्ताह के दौरान रेणुकूट वन प्रभाग के विभिन्न रेंजों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा वृक्षों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य जनसहभागिता बढ़ाकर क्षेत्र में हरित आवरण का विस्तार करना तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करना है।










