पटना। बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले का विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने करीब 20 वर्षों बाद सरकारी आवास खाली कर दिया है। अब वह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और परिवार के साथ पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने लगी हैं।
राबड़ी देवी को वर्ष 2006 में विपक्ष की नेता के रूप में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। तब से लेकर अब तक यह आवास राजद की राजनीतिक गतिविधियों और कई महत्वपूर्ण बैठकों का केंद्र बना रहा। बिहार की राजनीति के कई अहम फैसले और रणनीतियां इसी बंगले से तय होती रही हैं।
हाल ही में बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। विभाग ने उन्हें हार्डिंग रोड स्थित बंगला नंबर-39 आवंटित किया था, लेकिन राबड़ी देवी ने वहां तत्काल शिफ्ट होने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि नए आवास में मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए कुछ समय की आवश्यकता है।
बाद में सरकार की ओर से उन्हें 5 जुलाई तक का समय दिया गया। निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्होंने सरकारी बंगला खाली कर दिया और अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गईं। इसके साथ ही लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार अब निजी घर में रहने लगा है।
इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पत्नी और बच्चे पहले ही पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में स्थानांतरित हो चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के साथ राजद परिवार की आवास व्यवस्था पूरी तरह नए स्वरूप में सामने आई है।
सरकारी बंगला खाली होने के साथ ही कई दिनों से चल रहा राजनीतिक विवाद भी समाप्त हो गया है। हालांकि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर हुई बयानबाजी ने इसे बिहार की प्रमुख राजनीतिक चर्चाओं में शामिल रखा।
प्रमुख बिंदु
- राबड़ी देवी ने 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली किया।
- लालू प्रसाद यादव के साथ पटना के कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में हुईं शिफ्ट।
- भवन निर्माण विभाग ने बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था।
- सरकार ने हार्डिंग रोड स्थित बंगला नंबर-39 आवंटित किया था।
- मरम्मत कार्य पूरा न होने का हवाला देकर राबड़ी देवी ने समय मांगा था।
- 5 जुलाई तक की मोहलत मिलने के बाद सरकारी आवास खाली किया गया।
- तेजस्वी यादव का परिवार पहले ही पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हो चुका है।
क्यों रहा यह मामला चर्चा में?
10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला केवल एक आवास नहीं, बल्कि राजद की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में इसे खाली करने को लेकर उठा विवाद बिहार की राजनीति में कई दिनों तक चर्चा का विषय बना रहा। अब राबड़ी देवी के निजी आवास में शिफ्ट होने के साथ इस पूरे विवाद का पटाक्षेप हो गया।
निष्कर्ष
करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति का अहम केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का निजी आवास में शिफ्ट होना केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीतिक तस्वीर में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।










