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अयोध्या राम मंदिर घोटाला: फ्लाइट में घिरे ट्रस्टी गोपाल राव, लगे ‘चढ़ावा चोर’ के नारे; शंकराचार्य और विनय कटिहार के बयानों से हड़कंप

अयोध्या/लखनऊ | डिजिटल डेस्क

 

अयोध्या के भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हुए करोड़ों रुपये के चढ़ावा और चंदा चोरी मामले (Ram Mandir Donation Scam) ने अब एक बेहद गंभीर और नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में घिरे ट्रस्ट के पदाधिकारी गोपाल राव को एक कमर्शियल फ्लाइट में यात्रा के दौरान यात्रियों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। सह-यात्रियों ने फ्लाइट के भीतर ही गोपाल राव को देखते ही ‘चंदा चोर’ और ‘चढ़ावा चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद केबिन क्रू को बीच-बचाव करना पड़ा।

यह घटना तब सामने आई है जब विशेष जांच दल (SIT) इस महा-घोटाले की परतों को खोलने के लिए लगातार ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है।

✈️ फ्लाइट में ‘चढ़ावा चोर’ के नारों से मची खलबली

सोशल मीडिया पर वायरल दावों के मुताबिक, अयोध्या छोड़ने के बाद गोपाल राव जैसे ही फ्लाइट में सवार हुए, उन्हें कुछ यात्रियों ने पहचान लिया। राम मंदिर के पैसों में हुए गबन को लेकर जनता में इस कदर गुस्सा था कि पूरी फ्लाइट ‘चढ़ावा चोर’ के नारों से गूंज उठी। केबिन क्रू ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित यात्रियों को शांत कराया। सूत्रों का कहना है कि संघ की ओर से बुलावा आने या किसी अन्य रणनीतिक वजह से गोपाल राव इस वक्त अयोध्या से बाहर निकले हैं।

💥 शंकराचार्य और विनय कटिहार के बयानों ने बढ़ाई तपिश

इस महा-घोटाले पर देश के प्रतिष्ठित संतों और राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस गबन पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आस्था के पैसे को डकारने वाले इन लोगों की करतूतों की वजह से जनता का सब्र टूट चुका है। उन्होंने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि अगर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जनता चंपत राय और उनके सहयोगियों को सड़कों पर पीटेगी।

वहीं, राम मंदिर आंदोलन के फायरब्रांड नेता विनय कटिहार ने भी इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। कटिहार ने कहा: “राम मंदिर के चढ़ावे में बड़ा गबन हुआ है। इस मामले में सिर्फ छोटे प्यादे ही नहीं, बल्कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी जेल जा सकते हैं। इस महा-पाप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की गई है।”

इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इसे ‘पाप नहीं, बल्कि महा-पाप’ करार दिया है।

🔍 SIT की 8 घंटे की पूछताछ और बुलडोजर एक्शन की तैयारी

इस मामले में यूपी पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच की रफ्तार दोगुनी कर दी है। हाल ही में SIT ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर करीब 4 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस पूछताछ में यह तीनों पदाधिकारी कई वित्तीय लेन-देन और ऑडिट रिकॉर्ड्स के स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।

मामले से जुड़े बड़े अपडेट्स:

  • 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में: मामले के मुख्य 8 आरोपी (जिनमें टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा शामिल हैं) फिलहाल जेल में हैं।

  • अवैध संपत्तियों पर छापेमारी: पुलिस ने आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में कैश, अवैध ज्वैलरी और बेनामी संपत्तियों के कागजात बरामद किए हैं। प्रशासन अब इनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी में है।

  • इस्तीफों पर फैसला: लगातार बढ़ते दबाव के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश की है।

📅 6 और 11 जुलाई को ट्रस्ट की महा-बैठक: तय होगा एजेंडा

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने इस आंतरिक कलह और घोटाले पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि “गोपाल राव सबको उलझा देते हैं, वह राम की परंपरा को नहीं मानते बल्कि राजनीति कर रहे हैं।”

ट्रस्ट ने अब आगामी 6 जुलाई और 11 जुलाई को एक आपातकालीन बैठक का एजेंडा जारी किया है। इस महा-बैठक में दो सबसे बड़े फैसले होने की उम्मीद है:

  1. चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

  2. पूरे राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह से बदला जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो।

💬 आपकी इस पर क्या राय है?

भगवान राम के चरणों में अर्पित किए गए भक्तों के चंदे और चढ़ावे में इस तरह की हेराफेरी पर आप क्या सोचते हैं? क्या ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों को तुरंत पद से हटाकर जेल भेजा जाना चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय दें और इस खबर को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें।

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