अमृतसर, 4 जुलाई – (राजू वालिया) – सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब माथा टेकने पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं के गले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की तस्वीर वाले आई-कार्ड दिखाई दिए। मौके पर मौजूद सेवादारों ने उन्हें तत्काल रोकते हुए अनुरोध किया कि वे इन कार्डों को उतार दें, क्योंकि श्री हरिमंदिर साहिब की मर्यादा के अनुसार किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रचार सामग्री अथवा किसी राजनीतिक नेता की तस्वीर वाले कार्ड या अन्य प्रचार सामग्री को परिक्रमा परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही सेवादारों की नजर इन आई-कार्डों पर पड़ी, उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि यह धार्मिक आस्था का सर्वोच्च केंद्र है और यहां किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रचार या उससे संबंधित सामग्री के साथ प्रवेश करना मर्यादा के अनुरूप नहीं माना जाता। इस दौरान कुछ समय के लिए बहस की स्थिति भी बनी। प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी दावा है कि कुछ सेवादारों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रति आपत्ति जताते हुए टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, इन कथित टिप्पणियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित आई-कार्ड किसी सरकारी योजना अथवा सरकारी पहचान से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिन पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की तस्वीर अंकित थी। सेवादारों ने स्पष्ट किया कि श्री हरिमंदिर साहिब की पवित्र मर्यादा के अंतर्गत किसी भी प्रकार की राजनीतिक पहचान या प्रचार सामग्री को परिसर के भीतर ले जाना उचित नहीं है। इसके बाद कई श्रद्धालुओं ने अपने आई-कार्ड बाहर रख दिए और फिर श्रद्धापूर्वक माथा टेका। घटना के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन सेवादारों और सुरक्षा कर्मियों ने शांतिपूर्वक स्थिति को संभाल लिया। किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और श्रद्धालुओं ने भी बाद में मर्यादा का पालन करते हुए दर्शन किए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा को हर परिस्थिति में सर्वोपरि रखा जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने पूरे मामले पर सरकार तथा संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण देने की मांग भी उठाई है। फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर न तो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया गया है और न ही पंजाब सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सतर्क कर दिया गया है तथा श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे श्री हरिमंदिर साहिब की मर्यादा का पूर्ण सम्मान करें और किसी भी प्रकार की राजनीतिक अथवा विवादास्पद प्रचार सामग्री को परिसर के भीतर लेकर न जाएं।
श्री हरिमंदिर साहिब में भगवंत मान की तस्वीर वाले आई-कार्ड को लेकर विवाद, सेवादारों ने श्रद्धालुओं को रोका









