वाराणसी | डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित सुप्रसिद्ध श्री काशी-विश्वनाथ मंदिर परिसर के पास शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा में तैनात एक पीएसी (PAC) जवान की सरकारी कार्बाइन से अचानक दो राउंड गोलियां चल गईं। इस हादसे में मंदिर के पास फूल-माला बेचने वाले तीन स्थानीय दुकानदार घायल हो गए हैं। सुरक्षा बलों और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
🕒 सुबह 6:44 बजे की घटना: कैसे चली गोली?
यह घटना शनिवार सुबह करीब 6:44 बजे मंदिर के हाई-सिक्योरिटी वाले गेट नंबर 4B (नंदू फारिया गली) के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, 48वीं वाहिनी पीएसी (PAC) के दीवान अमरनाथ चौहान ड्यूटी पर तैनात थे और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे।
इसी दौरान उनके कंधे से अचानक कार्बाइन का पट्टा (Sling) सरक गया/फिसल गया। जैसे ही जवान ने बाएं हाथ से दाएं हाथ में हथियार को संभालने की कोशिश की, ट्रिगर लॉक खुला और अचानक दो राउंड हवाई की जगह नीचे की ओर फायर हो गए।
💥 सीधे गोली नहीं लगी, सड़क की गिट्टियां छिटकने से हुए घायल
गनीमत यह रही कि गोलियां किसी श्रद्धालु या राहगीर को सीधे नहीं लगीं, बल्कि सीधे कंक्रीट की सड़क पर जा धंसीं। हालांकि, बुलेट का इंपैक्ट इतना जोरदार था कि सड़क के पत्थर और कंक्रीट (shrapnel) टूटकर हवा में बिखर गए।
इन उड़ते हुए पत्थरों और छर्रों की चपेट में आने से पास ही दुकान पर फूल-माला बेच रहे तीन लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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निक्की गुप्ता (हाथ में चोट)
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रामबाबू (कमर में चोट)
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विकास यादव (पैर में चोट)
DCP गौरव बंसवाल ने बताया: “यह पूरी तरह से एक एक्सीडेंटल डिस्चार्ज (दुर्घटनावश गोली चलना) का मामला है। कार्बाइन के जमीन की तरफ फायर होने से सड़क की गिट्टियां छिटकीं, जिससे तीन स्थानीय दुकानदारों को मामूली चोटें आई हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
🏥 अस्पताल में भर्ती, सभी घायल खतरे से बाहर
हादसे के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों घायलों को तुरंत कबीरचौरा स्थित एसएसपीजी मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुष्टि की है कि तीनों की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है। उपचार के बाद सभी को जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
🔍 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, जांच के आदेश
घटना के तुरंत बाद एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) शिव हरि मीना समेत कई आला अधिकारियों ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। पुलिस ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि जवान भीड़ हटाते वक्त अचानक हुए इस फायर से खुद भी चौंक गया। पुलिस ने संबंधित जवान अमरनाथ चौहान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की गहन विभागीय जांच शुरू कर दी गई है कि क्या इस घटना में सुरक्षा प्रोटोकॉल की कोई लापरवाही थी।
राहत की बात यह है कि इस घटना के बाद भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें सामान्य रूप से चलती रहीं और मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आया।
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