पूर्वांचल राज्य संवाददाता : धर्मेंद्र कुमार चौधरी / दीपू तिवारी
सोनभद्र। कोन थाना क्षेत्र के ग्राम खेमपुर स्थित अंबेडकर चौराहे पर सांसद निधि से लगभग 7 लाख रुपये की लागत से स्थापित हाईमास्ट लाइट वर्षों से बंद पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक धन से लगाई गई यह महत्वपूर्ण सुविधा शुरू से ही अपेक्षित रूप से संचालित नहीं हो सकी और लंबे समय से शोपीस बनकर खड़ी है स्थानीय लोगों के अनुसार, अंबेडकर चौराहा क्षेत्र का प्रमुख बाजार एवं आवागमन का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। चौराहे पर कई दुकानें संचालित होती हैं और आसपास के गांवों के लोग भी यहीं से आवागमन करते हैं। लेकिन हाईमास्ट लाइट बंद रहने के कारण शाम होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। इससे दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग और स्थानीय अधिकारियों से कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने हाईमास्ट लाइट की मरम्मत कराने या उसे पुनः चालू कराने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से हाईमास्ट लाइट की तकनीकी जांच कराकर शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से स्थापित इस सुविधा का वर्षों तक बंद रहना सरकारी संसाधनों के समुचित उपयोग पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और चौराहे पर जल्द से जल्द प्रकाश व्यवस्था बहाल कराई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।










