पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
परमिट की आड़ में सात सरकारी पेड़ों का कटान! राजस्व पैमाइश में खुलासा, कार्रवाई के इंतजार में वन विभाग
महराजगंज। सोहगी बरवा वन्यजीव प्रभाग के दक्षिणी चौक वन रेंज अंतर्गत खोस्टा बीट के ग्राम पंचायत पिपरिया गुरु गोविंद नगर में सागौन के पेड़ों के कटान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। राजस्व विभाग की पैमाइश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कटान परमिट की आड़ में सरकारी भूमि पर खड़े सात बहुमूल्य सागौन के पेड़ों को भी काट दिया गया। इस खुलासे के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार वन विभाग ने सीमित संख्या में सागौन के पेड़ों के कटान की अनुमति दी थी, लेकिन आरोप है कि परमिट की सीमा से आगे बढ़ते हुए सरकारी भूमि पर स्थित सात सागौन के पेड़ों का भी अवैध रूप से कटान कर दिया गया। शिकायत मिलने पर हल्का लेखपाल सुनील कुमार ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर मौके की पैमाइश की, जिसमें कटे हुए सातों पेड़ सरकारी भूमि पर पाए गए।
लेखपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित रेंज अधिकारी एवं रेंजर को सौंपते हुए स्पष्ट रूप से सरकारी भूमि पर हुए कटान का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा मौके पर मौजूद काटी गई लकड़ी को तत्काल जब्त करने की संस्तुति भी की गई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की ओर से न तो लकड़ी जब्त की गई और न ही किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब राजस्व विभाग की पैमाइश में सरकारी भूमि पर अवैध कटान की पुष्टि हो चुकी है, तब वन विभाग को बिना किसी देरी के कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बहुमूल्य सागौन के पेड़ों का अवैध कटान न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे सरकारी संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची है।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कटान में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों, संबंधित ठेकेदार एवं अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सरकारी भूमि से काटी गई सागौन की लकड़ी को तत्काल जब्त कर राजकीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राजेंद्र निरंजन सुर्वे ने कहा कि यदि राजस्व विभाग की पैमाइश में सरकारी भूमि पर कटान की पुष्टि हुई है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर लकड़ी जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।










