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लखनऊ के जवाहर भवन में भीषण आग, समय रहते टला बड़ा हादसा, कई दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

सरकारी भवन की ऊपरी मंजिल पर लगी आग, सभी कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया, कारणों की जांच शुरू

लखनऊ | वेब डेस्क

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित 12 मंजिला जवाहर भवन में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग भवन की चौथी और पांचवीं मंजिल के ट्रेजरी कार्यालय एवं उससे जुड़े हिस्से में लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।


कैसे लगी आग?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे भवन की ऊपरी मंजिल से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें खिड़कियों से बाहर आने लगीं। पुलिस ने तत्काल भवन खाली कराया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बना दिया ताकि राहत कार्य प्रभावित न हो।


दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

आग की सूचना मिलते ही करीब 10 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने भीतर और बाहर दोनों तरफ से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) ने बताया कि आग को अन्य कार्यालयों तक फैलने से रोकना प्राथमिकता थी और इसमें सफलता मिली।


किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

प्रशासन के अनुसार पूरे भवन को खाली करा लिया गया था। किसी कर्मचारी या नागरिक के घायल होने अथवा फंसे होने की सूचना नहीं मिली है। आग बुझने के बाद प्रभावित हिस्से की लगातार निगरानी की गई ताकि दोबारा आग न भड़क सके।


जांच शुरू, शॉर्ट सर्किट की आशंका

आग लगने के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट सहित अन्य तकनीकी कारणों की संभावना पर जांच की जा रही है। विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जवाहर भवन उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख प्रशासनिक भवनों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक आते हैं। घटना के बाद भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और नियमित सुरक्षा ऑडिट को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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