पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज,घुघली चनी मिल परिसर वर्षों से विवादों में घिरी घुघली स्थित पुरानी चीनी मिल एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक चुप्पी के बीच गुरुवार को अचानक जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मिल परिसर में पहुंच गई। कार्रवाई के दौरान परिसर में चल रहे जेसीबी कार्य को तत्काल रुकवा दिया गया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जमीन से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
मौके पर उपजिलाधिकारी सदर अवनीश त्रिपाठी (एसडीएम), नायब तहसीलदार विवेक कुमार श्रीवास्तव,थाना प्रभारी सूरज कुमार तथा चौकी प्रभारी घुघली सहित राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने मिल परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक भूमि स्वामित्व एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते, तब तक परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी चीनी मिल को लेकर कई वर्षों से विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार जिलाधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, थाना और चौकी स्तर पर शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन उनकी शिकायतों पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगो मे बना चर्चा का विषय लोगों का आरोप है कि इसी दौरान मिल परिसर से करोड़ों रुपये मूल्य का पुराना लोहा, मशीनरी और अन्य सामान हटाया गया। इतना ही नहीं, परिसर में खड़े वर्षों पुराने कीमती पेड़ों की भी कटाई कर उन्हें बेच दिया गया, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया।
गुरुवार को प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अब ऐसा क्या हुआ कि राजस्व और पुलिस विभाग की पूरी टीम सक्रिय हो गई और कार्य पर रोक लगानी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायतों पर पहले ही कार्रवाई हो जाती तो सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सकता था।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि दस्तावेजों में कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और मौके पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई पर आधारित है। भूमि स्वामित्व एवं अन्य तथ्यों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर होगी।
घुघली चीनी मिल में प्रशासन की बड़ी दबिश, जेसीबी पर लगी रोक, मांगे गए जमीन के दस्तावेज










