पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महाराजगंज/आनंद नगर। आनंद नगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र से दुकानों को हटाए जाने के बाद प्रभावित दुकानदारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले दो वर्षों में दो दुकानदारों की मौत हो जाने से जहां परिजनों में गहरा शोक है, वहीं अन्य प्रभावित परिवार भी अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। दुकानदारों का कहना है कि दुकान ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी, लेकिन दुकानें हटने के बाद उनकी रोज़ी-रोटी पूरी तरह प्रभावित हो गई।
प्रभावित लोगों के अनुसार, दुकानें हटने के बाद वे लगातार बेरोजगारी, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। कई परिवारों के सामने घर का खर्च, दवा, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्या संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ठोस समाधान अब तक नहीं निकल सका।
दुकानदारों ने यह भी कहा कि उन्हें अब भी अपने सांसद से ही अंतिम उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था की गई होती, तो शायद हालात इतने गंभीर नहीं होते। अब वे चाहते हैं कि शासन-प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए शेष प्रभावित 18 दुकानदारों के लिए जल्द स्थायी समाधान करे, ताकि किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता और चर्चा दोनों को बढ़ा दिया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि यह केवल दुकानों का मामला नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की आजीविका, सम्मान और भविष्य से जुड़ा सवाल है।
दुकानें हटने के बाद दो दुकानदारों की मौत, दो वर्षों से बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार










