आनंद नगर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों से प्रभावित दुकानदारों ने महाप्रबंधक से लगाई गुहार
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज । आनंद नगर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आनंद नगर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों के कारण करीब 18 दुकानदारों को अपनी दुकानें हटानी पड़ी हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले लगभग सात दशकों से स्टेशन परिसर के आसपास दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन दुकानों के हटने के बाद उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह छिन गई है।
प्रभावित दुकानदारों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से वे पुनर्वास, वैकल्पिक दुकान अथवा रोजगार की व्यवस्था की मांग को लेकर रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें लगातार आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक किसी को वैकल्पिक दुकान या स्थायी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया।
दुकानदारों ने बताया कि आय का साधन समाप्त होने से परिवारों के सामने भोजन, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है। कुछ दुकानदार अपने बच्चों की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है। दुकानदारों का दावा है कि आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी के बीच अब तक दो प्रभावित दुकानदारों की मौत हो चुकी है।
प्रभावित दुकानदारों ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में सभी 18 दुकानदारों की जांच कर पात्र लोगों को वैकल्पिक दुकान या पुनर्वास स्थल उपलब्ध कराने, पुनर्वास होने तक आर्थिक सहायता देने और मृत दुकानदारों के परिवारों को मानवीय आधार पर मदद प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।
दुकानदारों ने कहा कि स्टेशन का विकास जनहित में आवश्यक है, लेकिन विकास कार्यों के कारण प्रभावित लोगों की आजीविका और पुनर्वास की जिम्मेदारी भी रेलवे को उठानी चाहिए। उन्होंने शीघ्र समाधान नहीं होने पर सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या रखने की बात कही है।










