पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
सोनभद्र। वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे जुगैल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही नेटवर्क समस्या अब जल्द दूर होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन की पहल और बीएसएनएल के सहयोग से जुगैल ग्राम पंचायत के पिपरा, गरदा और जोरावा में जल्द 4जी मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर टावर स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। क्षेत्रफल की दृष्टि से जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत जुगैल में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मोबाइल नेटवर्क की सुविधा पहुंचाना लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी। नेटवर्क के अभाव में ग्रामीणों को फोन करने, इंटरनेट चलाने और जरूरी डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जुगैल क्षेत्र की नेटवर्क समस्या को गंभीरता से लेते हुए बीएसएनएल के डीजी से समन्वय स्थापित कर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति एवं नेटवर्क संबंधी समस्या से अवगत कराया गया। सामान्य तौर पर एक ग्राम पंचायत में अधिकतम दो टावर लगाने का प्रावधान है, लेकिन जुगैल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त तीन टावरों की स्वीकृति प्राप्त की गई है। इसके तहत पिपरा, गरदा और जोरावा में तीन नए 4जी टावर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्व में स्वीकृत टावरों को मिलाकर जुगैल ग्राम पंचायत में कुल पांच मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इनके शुरू होने के बाद नेटवर्क विहीन एवं कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। जिले में 28 नए टावरों से मजबूत होगा नेटवर्क जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पूर्व में 25 मोबाइल टावर स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 21 टावरों की स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं तीन टावर वन विभाग से संबंधित औपचारिकताओं के कारण लंबित हैं, जिनकी प्रक्रिया पूरी कर जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। जुगैल के लिए तीन अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति मिलने के बाद जिले में नेटवर्क विहीन क्षेत्रों के लिए स्वीकृत नए मोबाइल टावरों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। इन टावरों के स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और बैंकिंग तक मिलेगा लाभ
मोबाइल नेटवर्क की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों पर पड़ रहा था। आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस या परिजनों से संपर्क करना मुश्किल हो जाता था। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परेशानी होती थी। किसानों, व्यापारियों और युवाओं को भी डिजिटल सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। कई ग्रामीणों को मोबाइल सिग्नल के लिए गांव से बाहर अथवा ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता था। 4जी टावर शुरू होने के बाद ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग, ऑनलाइन आवेदन, स्वास्थ्य सेवाओं, ई-गवर्नेंस और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच आसान होने की उम्मीद है। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से किसानों, व्यापारियों और युवाओं को ऑनलाइन कारोबार, डिजिटल सेवाओं तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने में भी मदद मिलेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक सेवाओं से तत्काल संपर्क करना भी आसान होगा। ग्रामीणों ने टावरों की स्वीकृति का स्वागत करते हुए कहा कि मोबाइल नेटवर्क की सुविधा जुगैल क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग रही है। अब इस दिशा में पहल होने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र संचार और इंटरनेट की बेहतर सुविधा के साथ विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सकेगा।










