काशी: सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा से कल उनके पावन दरबार में दर्शन करने और सप्तऋषि आरती में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। काशी की पवित्र धरती पर बाबा के दरबार में पहुंचते ही मन जैसे संसार की तमाम चिंताओं से मुक्त होकर भक्ति में विलीन हो गया।
बाबा विश्वनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन होते ही हृदय श्रद्धा से भर उठा। घंटों की गूंज, हर-हर महादेव के जयघोष और आरती की अलौकिक आभा ने वातावरण को ऐसा आध्यात्मिक रूप दिया कि कुछ क्षणों के लिए समय भी जैसे ठहर गया हो।
सप्तऋषि आरती का वह दिव्य क्षण शब्दों में बयां करना कठिन है। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और बाबा के चरणों में समर्पित होती श्रद्धा ने आत्मा को एक अद्भुत शांति प्रदान की। ऐसा लगा मानो महादेव स्वयं अपने भक्तों पर कृपा की वर्षा कर रहे हों।
काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा से परमात्मा के मिलन जैसा अनुभव है। यहां आकर मन को यह एहसास होता है कि जीवन की तमाम उलझनों के बीच भी यदि महादेव का आशीर्वाद साथ हो तो हर कठिन राह आसान हो सकती है।
सावन में बाबा विश्वनाथ के दरबार में मिला यह सौभाग्य मेरे लिए जीवन की उन अनमोल स्मृतियों में शामिल हो गया है, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं।
बस यही प्रार्थना है—हे बाबा विश्वनाथ, अपनी कृपा सदैव बनाए रखना, मन में श्रद्धा, जीवन में सत्य और कर्मों में धर्म का प्रकाश बनाए रखना।
विकास महाराज पुजारी श्री काशी विश्वनाथ के सानिध्य में दर्शन करने दिल्ली गृह मंत्रालय से आए नंद कुमार तिवारी, पूर्वाचल राज्य लोकप्रिय हिन्दी दैनिक अख़बार के संपादक कृष्णा पंडित जी व वरिष्ठ पत्रकार ओमकार पांडेय जी के साथ अन्य सम्मानित लोग भी उपस्थित रहे !!










