चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंडल पदाधिकारी भागवत कुशवाहा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं और समर्थकों में शोक छा गया।
धानापुर विकासखंड के बभनियाव गांव के रहने वाले भागवत कुशवाहा राजनीति में काफी सक्रिय थे। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा हेमंत कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय समानता दल से शुरू की थी। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और धानापुर ब्लॉक में एक सक्रिय नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। मंडल महामंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने पार्टी की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भागवत कुशवाहा काफी समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज वाराणसी के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में चल रहा था। हालांकि, उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर परिजन उन्हें घर ले आए थे। बुधवार को उनका निधन हो गया।
उनका अंतिम संस्कार रायपुर स्थित डम्हारी गंगा घाट पर किया गया। उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता और समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। भागवत कुशवाहा के पार्थिव शरीर को भारतीय जनता पार्टी के झंडे में लपेटकर अंतिम विदाई दी गई।
इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने बताया कि भागवत कुशवाहा पार्टी के प्रति बहुत निष्ठावान कार्यकर्ता थे। उनके निधन से पार्टी को बड़ी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई मुश्किल है।
अंतिम संस्कार के दौरान पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्यवान मौर्य, हृदय तिवारी, गोपाल बिंद, रमेश विश्वकर्मा, रमेश यादव, विजय मौर्य, संतोष मौर्य, संतोष यादव, रामलछान राम सहित कई कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।










