चंदौली पुलिस की साइबर टीम ने लाखों रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से मिली 17 शिकायतों में एक ही पैटर्न पर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
धानापुर थाने में इस संबंध में धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 160/2026 दर्ज किया गया था। अतिरिक्त निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श इस मामले की जांच कर रहे थे।
सकलडीहा क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श की टीम और साइबर टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। उन्होंने ओदरा मार्ग से दो वांछित आरोपियों को पकड़ा।
पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम आशीष विश्वकर्मा (उम्र करीब 22 साल) बताया, जो ग्राम पसाई, थाना धीना, जिला चंदौली का रहने वाला है। दूसरे ने अपना नाम रोहित कुमार उर्फ काला (उम्र करीब 31 साल) बताया, जो ग्राम सेवढ़ी मड़ई, थाना बलुआ, जिला चंदौली का निवासी है। इनके पास से 2 मोबाइल, 1 फर्जी आधार कार्ड, 1 एटीएम और 1 चेकबुक बरामद हुई।
आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि वह अपने साथी रोहित कुमार और तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर चंदौली में गरीब लोगों को ठगते थे। वे सरकारी योजनाओं का लाभ देने और प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने का लालच देते थे। वे कहते थे कि 6 महीने में लोन मिल जाएगा, बस अपना खाता खुलवा लो।
इसके लिए वे एक्सिस बैंक सकलडीहा के पूर्व कर्मचारी रोहित कुमार की मदद लेते थे। जब रोहित बैंक में था, तब भी खाते खुलवाते थे और बैंक से निकाले जाने के बाद भी उसकी मदद से कानूनी रूप से खाते खुलवाते थे। खाता खुलते ही वे खाताधारक से तुरंत एटीएम और पासबुक ले लेते थे। उनके मोबाइल पर आने वाली ओटीपी का एक्सेस लेकर खाते का विवरण मुंबई में अपने साथी को भेज देते थे।
आशीष ने बताया कि उनके साथी प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की फर्जी वेबसाइट बनाते थे। वे फर्जी विज्ञापन लगाकर ग्राहकों को फंसाते थे और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लालच देते थे।










