16 सितंबर को शिक्षक संघ सौंपेगा पीएम को ज्ञापन, TET विवाद पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी
महराजगंज/सिसवा बाजार।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के TET से जुड़े हालिया निर्णय के विरोध में 16 सितंबर को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा। इसको लेकर मंगलवार को शिक्षक भवन, पूर्व माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज में आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने की।
बैठक का संचालन जिलामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने किया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश भर में लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। सिर्फ महराजगंज जिले में ही 1000 से अधिक शिक्षकों की सेवा समाप्त होने की स्थिति बन गई है।
*“25-30 साल सेवा के बाद यह अन्याय!” – जिलाध्यक्ष*
जिलाध्यक्ष त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्ष 2011 के पहले नियुक्त शिक्षक, जिन्होंने TET पास नहीं किया, उन्हें सेवा से बाहर करने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए बाध्य करना गंभीर अन्याय है।
> “जब नियुक्ति के समय योग्यता मान्य थी, तो अब नया नियम लाकर सेवा समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है,” – त्रिपाठी।
*लखनऊ और दिल्ली में होगा प्रदर्शन*
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो लखनऊ और दिल्ली में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार कानूनी और जन आंदोलन दोनों स्तर पर संघर्ष करेगा।
*“अगर आज चुप रहे, तो कल और शिक्षक होंगे निशाना” – बैजनाथ सिंह*
वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह ने कहा कि यह फैसला सिर्फ वर्तमान नॉन-TET शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा।
> “अगर आज शिक्षक एकजुट नहीं हुए, तो कल TET पास शिक्षक भी किसी नए आदेश की चपेट में आ सकते हैं।”
*सभी ब्लॉक अध्यक्षों ने दी एकजुटता की सहमति*
बैठक में सभी ब्लॉकों के अध्यक्षों और मंत्रियों ने संगठन के संघर्ष में पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया और 2011 के पूर्व नियुक्त नॉन-TET शिक्षकों की सूची जिला संगठन को सौंपी, जिसे आगे प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा।
इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष मनौव्वर अली, संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक, ब्लॉक अध्यक्ष राघवेंद्र पांडेय, हरीश शाही, अरविंद गुप्ता, वीरेंद्र सिंह, अलाउद्दीन खान, धनप्रकाश त्रिपाठी, संजय यादव, विजय प्रताप पांडेय, देवेंद्र मिश्र, विजय यादव, हरिश्चंद्र चौधरी, मनोज वर्मा, धन्नू चौहान, वीरेंद्र मौर्य, राजेश यादव, जगत सिंह, अनूप कुमार, धीरज शाही, चंद्रभूषण पटेल, विनोद कुमार, सीताराम जायसवाल, दयानंद त्रिपाठी, और फरेंदा तहसील प्रभारी दुर्गेश पांडेय आदि उपस्थित रहे।
यह मामला लाखों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। संगठन ने साफ कहा है कि कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों तरीकों से इस फैसले का विरोध किया जाएगा।










