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सड़क सुरक्षा का संकल्प : “सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” का संदेश बनीं गंगोत्री देवी की छात्राएँ

सड़क सुरक्षा का संकल्प : “सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” का संदेश बनीं गंगोत्री देवी की छात्राएँ

सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन रक्षा का संस्कार है — पुलिस अधीक्षक (यातायात)

युवा पीढ़ी ही परिवर्तन की धुरी — रीना त्रिपाठी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो,गोरखपुर
गोरखपुर, 11 नवम्बर।
तेज़ रफ़्तार से भागती इस सदी में, जब हर मोड़ पर दुर्घटनाओं की आशंका किसी छाया की तरह मंडरा रही है, गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय एवं गंगोत्री देवी नर्सिंग कॉलेज ने एक असाधारण उदाहरण प्रस्तुत किया। दोनों संस्थानों ने मिलकर छात्राओं के माध्यम से सेफ ड्राइव, सेव लाइफ का अमूल्य संदेश समाज तक पहुँचाने का जिम्मा उठाया।महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित यह सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता गोष्ठी केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सामाजिक दायित्व का ज्वलंत प्रतीक बन गई — जहाँ छात्राएँ न केवल सीखने आईं, बल्कि समाज को सिखाने का संकल्प लेकर लौटीं।
मुख्य वक्ता पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री राजकुमार पांडे ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा —
“हर साल हजारों परिवार सड़क दुर्घटनाओं में उजड़ जाते हैं। इन हादसों में केवल वाहन नहीं टकराते, बल्कि सपने और उम्मीदें टूट जाती हैं। अगर हर व्यक्ति हेलमेट, सीट बेल्ट, गति नियंत्रण और मोबाइल से दूरी जैसे सरल नियमों का पालन करे, तो सैकड़ों जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान 46,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 24,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे।यह आंकड़े सिर्फ़ रिपोर्ट नहीं, बल्कि अनगिनत अधूरी कहानियाँ हैं। जब तक नागरिक स्वयं जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक कोई भी कानून उन्हें सुरक्षित नहीं रख सकता,” उन्होंने कहा।राजकुमार पांडे ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवारों और समाज में सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” की दूत बनें और अपनी सजगता से दूसरों के जीवन की रक्षा करें।युवा पीढ़ी समाज की दिशा तय करती है रीना त्रिपाठी मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय की संरक्षिका श्रीमती रीना त्रिपाठी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा युवा पीढ़ी किसी भी समाज की दिशा और दशा तय करती है। जब छात्राएँ सड़क पर नियमों का पालन करेंगी, तब यह जागरूकता हर घर तक पहुँचेगी। गंगोत्री देवी संस्थान हमेशा शिक्षा के साथ संस्कृति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाता है।उन्होंने कहा यहाँ शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है — जहाँ अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी सर्वोच्च मूल्य हैं।रफ्तार से पहले जिम्मेदारी जरूरी क्षेत्राधिकारी विवेक तिवारी विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी (यातायात) श्री विवेक तिवारी ने कहा हम जितनी तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं, उतना ही जरूरी है कि हम रुककर सोचें क्या हमारी रफ्तार सुरक्षित है? सड़कें तभी सुंदर लगेंगी जब उन पर जिम्मेदारी से चलने वाले लोग होंगे।उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अब इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल सिग्नलिंग और कैमरा मॉनिटरिंग के माध्यम से सुरक्षा को मजबूत बना रहा है, लेकिन असली बदलाव तभी आएगा जब लोग सड़क सुरक्षा को जीवन का मंत्र बना लेंगे।आपका अनुशासन किसी और की सुरक्षा है। यातायात निरीक्षक मनोज राय यातायात निरीक्षक मनोज राय ने ट्रैफिक संकेतों, लेन नियमों, ओवरलोडिंग और रेड लाइट उल्लंघन के कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा सड़क पर हर कदम सोच-समझकर रखना चाहिए, क्योंकि एक गलती किसी मासूम की जान ले सकती है।वहीं यातायात मित्र संजय श्रीवास्तव ने प्रेरक शब्दों में कहा सड़क पर आपकी सावधानी, दूसरे की सुरक्षा बनती है। यदि आप अनुशासन में चलेंगे तो आप अनजाने में भी किसी की जान बचा रहे होंगे।शिक्षा का उद्देश्य सजग नागरिक बनाना है आशुतोष मिश्र कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थानो के व्यवस्थापक श्री आशुतोष मिश्र ने कहा शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने का संस्कार है। जब विद्यार्थी समाज में सुरक्षा, सेवा और सजगता के वाहक बनते हैं, तभी किसी शिक्षण संस्थान की सफलता सार्थक होती है।उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे यातायात सुरक्षा दूत बनकर अपने मोहल्लों, परिवारों और स्कूलों में सड़क सुरक्षा का प्रचार करें।नर्सिंग छात्राओं ने सुरक्षा को सेवा के रूप में देखा प्रकाश सिंह चौधरी गंगोत्री देवी नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य श्री प्रकाश सिंह चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा नर्सिंग केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का नाम है। सड़क सुरक्षा भी इसी भावना से जुड़ी है क्योंकि यह भी जीवन बचाने की प्रक्रिया है। जब हमारी नर्सिंग छात्राएँ सड़क पर नियमों का पालन करती हैं, तो वे अपने पेशे की भावना को व्यवहार में उतारती हैं।उन्होंने आगे कहा नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने सड़क सुरक्षा को सेवा का विस्तार’ मानते हुए इसे अपने अभ्यास का हिस्सा बनाया है। मैं गर्व से कह सकता हूँ कि ये छात्राएँ जहाँ भी जाएँगी, वहाँ सुरक्षा और अनुशासन का वातावरण लेकर जाएँगी।
प्राचार्य चौधरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने के प्रशिक्षण भी छात्राओं को दिए जा रहे हैं, ताकि वे फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में समाज की सहायता कर सकें।सावधानी ही सबसे बड़ी समझदारी है प्राचार्या डॉ. पूनम शुक्ला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम शुक्ला ने कार्यक्रम का संचालन और संयोजन किया। उन्होंने कहा यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारे उत्तरदायित्व की अभिव्यक्ति है। सड़क पर सावधानी, जीवन की सबसे बड़ी समझदारी है।”
उन्होंने कहा कि गंगोत्री देवी संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता का संस्कार प्रदान करता है, और यही संस्थान की पहचान है।सामूहिक संकल्प : हम स्वयं नियमों का पालन करेंगे और दूसरों को प्रेरित करेंगे कार्यक्रम के अंत में छात्राओं, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों और अतिथियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया, हम स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे, और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करेंगे।सड़क सुरक्षा कोई दंड का प्रावधान नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का संस्कार है।पूरा सभागार इस संकल्प के साथ गूंज उठासुरक्षित चलें, जीवन बचाएँ।गंगोत्री देवी संस्थान की यह पहल आज गोरखपुर में एक नई सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गई है। जब शिक्षा, सेवा और सुरक्षा एक साथ कदम बढ़ाएँ, तब समाज न केवल शिक्षित, बल्कि सचेत बनता है।कार्यक्रम मे उप प्राचार्य डॉ प्रियंका त्रिपाठी,नर्सिंग कॉलेज की एडमिन लोरीटा याकूब, डॉ प्रत्या उपाध्याय, डॉ संगीता पांडेय, अल्का चौधरी, ममता मौर्या,सिन्धुजा,डॉ सीमा, सुगंधा सिंह, रिंकू कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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