उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज पर केस दर्ज कराया गया है। यह किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि थाने में तैनात इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दर्ज कराया गया। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने समाज में बढ़ते आक्रोश और अपमानजनक शब्दावली का संज्ञान लेते हुए खुद वादी बनकर एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद उनकी चर्चा तेज हो गई। दरअसल, इस वेब सीरीज के प्रचार के दौरान भाषा और शीर्षक पर विवाद खड़ा होता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर मुद्दा खासा गरमाया हुआ है।पुलिस ने इसे सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा माना है। अब दर्ज केस के कारण इस सीरीज पर विवाद गहराता दिखने लगा है।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह हजरतगंज थाने में तैनात हैं। इससे पहले वे कृष्णानगर थाने में तैनात थे। करीब 46 वर्षीय विक्रम सिंह बेहतर पुलिसिंग के साथ-साथ लोगों के लिए दिल में करुणा को लेकर खूब चर्चा में रहे हैं। उनका 10 अक्टूर 2022 को लखनऊ जिले में ट्रांसफर हुआ था। वे मैनपुरी से यहां आए थे। मैनपुरी में वे साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर रहे। वाराणसी और झांसी क्राइम ब्रांच में उन्होंने अपनी सेवा दी है। उससे पहले वे अयोध्या एसओ के पद पर तैनात रहे। अब तक छह जिलों में वे काम कर चुके हैं







