घोसिया। नगर पंचायत घोसिया में रमज़ान के मुबारक महीने की रूहानी फिज़ा उस समय और भी पवित्र हो उठी, जब पूर्व चेयरमैन नुमान की पहल पर उनके कंपनी परिसर में आयोजित दस रोज़ा तरावीह के दौरान कुरआन पाक मुकम्मल किया गया। हर वर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी बड़ी तादाद में नमाज़ियों ने शिरकत कर इबादत का सवाब हासिल किया।
तरावीह की नमाज़ की इमामत हाफिज अबू हमज़ा साहब ने फरमाई और पूरे कुरआन शरीफ को मुकम्मल कराया। जैसे ही मुकम्मल होने का ऐलान हुआ, पूरा माहौल “अल्लाह-हु-अकबर” की सदाओं और भावुक दुआओं से गूंज उठा। नमाज़ियों ने हाफिज साहब को मुबारकबाद पेश करते हुए फूलों और दुआओं से नवाज़ा।
इस नूरानी मौके पर खास तौर से मुल्के हिंदुस्तान की सलामती, देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं। साथ ही नगर पंचायत घोसिया की खुशहाली, एकता और विकास के लिए भी हाथ उठाकर दुआ की गई।
पूर्व चेयरमैन नुमान ने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान का पहला अशरा रहमतों का होता है और यह महीना सब्र, इबादत, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा नेक अमल करें और समाज में मोहब्बत व एकता का संदेश फैलाएं।
इस अवसर पर मोहिद अली, सादिक अहमद, हाजी मिजान, रुखसार अहमद, पप्पू भाई, फिरोज अली, हाजी असलम सूफी, हाजी जुनेद, अहमद शहजादा, सलमान, कासिम अली (यूपी टिंबर), इदरीश अंसारी, असफहान अहमद, इंसान चौधरी, इंतजार अहमद उर्फ पुल्लू, हाजी रेहान, सलमान मार्बल, बिक्की और हल्लु सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सलातो-सलाम और विशेष दुआओं के साथ हुआ। पूरी फिज़ा में रूहानियत, एकता और भाईचारे का संदेश स्पष्ट रूप से महसूस किया गया, जिसने नगरवासियों के दिलों को आपस में और मजबूत करने का काम किया।
नगर पंचायत घोसिया में ऐतिहासिक मुकम्मल तरावीह, मुल्के हिंदुस्तान की सलामती के लिए गूंज उठीं दुआएं










