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अग्रसेन पीजी कॉलेज में विज्ञान दिवस पर एआई वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी

वाराणसी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के बुलानाला परिसर में शनिवार को विज्ञान संकाय की ओर से एआई का सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के विभिन्न संकायों की छात्राओं ने अपना पक्ष में एआई की उपयोगिता एवं उससे होने वाले लाभ के बारे में अपनी बातें रखीं तो वहीं विपक्ष में छात्राओं ने जोर देकर एआई (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) से रोजगार में कमी आने एवं ऊर्जा की अधिकतम खपत तथा इससे उत्पन्न नये सामाजिक संरचना से पनपने वाले नये खतरों से भी आगाह किया। कुल 16 छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में भागीदारी की। निर्णायक के तौर पर डॉ जेपी शर्मा और डॉ विनोद उपाध्याय रहें। पक्ष में सुफिया परवीन प्रथम जोया वर्मा द्वितीय एवं अंजलि मिश्रा तृतीय स्थान प्राप्त किया तो वहीं विपक्ष में विशाखा साह प्रथम चांदनी जायसवाल द्वितीय एवं तेजश्विनी श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंजना मिश्रा एवं गुनगुन सेठ को सांत्वना पुरस्कार के लिये चुना गया। डॉ आकाश ने एआई के सामाजिक एवं आर्थिक लाभ एवं हानि के बारे में छात्राओं को बताया। उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के एक अनुमान के अनुसार, एआई 2030 तक भारत में 40 मिलियन नए रोजगार सृजित कर सकता है। सर्वेक्षण में यह भी भविष्यवाणी की गई है कि 2035 तक, एआई भारत की अर्थव्यवस्था को 957 बिलियन डॉलर तक बढ़ा देगा।
समस्त प्रतिभागियों को महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ संगीता श्रीवास्तव एवं डॉ आकाश ने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मनीषा श्रीवास्तव सभी के प्रति आभार भौतिकी विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ शुभा सक्सेना ने व्यक्त किया। इस अवसर बायोटेक्नोलॉजी विभाग की छात्राओं ने ऊर्जा के अन्य विकल्प एवं अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित विभिन्न मॉडलो एवं पोस्टर को प्रदर्शित किया। डॉ विभा अग्रवाल ने समस्त छात्राओं का उत्सावर्धन किया। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय की डॉ आभा श्रीवास्तव डॉ बद्री विशाल डॉ वंदना सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।

विश्व आर्थिक मंच के एक अनुमान के अनुसार, एआई 2030 तक भारत में 40 मिलियन नए रोजगार सृजित कर सकता है। सर्वेक्षण में यह भी भविष्यवाणी की गई है कि 2035 तक, एआई भारत की अर्थव्यवस्था को 957 बिलियन डॉलर तक बढ़ा देगा। 

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