पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध वैदिक विद्वान राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त वेदमूर्ति स्वर्गीय (स्वामीमलै) श्री कृष्णमूर्ति घनपाठी जी की धर्मपत्नी एवं वर्तमान में वेद परम्परा के वाहक वेद पण्डित के. वेंकटरमण घनपाठी जी की माताजी आदरणीया के.मंगलम् जी का फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तदनुसार दिनांक 1 मार्च 2026 को अत्यन्त दुर्लभ काशी सायुज्य मोक्ष वो भी प्रदोषकाल में प्राप्त हो गया।
के.मंगलम् जी के निधन के समाचार से हनुमान घाट शिवाला स्थित समाज के सभी वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई। 75 वर्षीय के.मंगलम् जी अपने सहज सरल मधुर व्यवहार से सभी का दिल जीत लेती थीं। सबको उनका अक्षय स्नेह प्राप्त होता था।
दर्शनार्थ उनका पार्थिव शरीर हनुमान घाट स्थित निज निवास पर रखा गया था। नगर के दर्जनों संभ्रांत एवं गणमान्य लोगों ने पार्थिव पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए एवं बाबा विश्वनाथ जी से आत्मा की शान्ति हेतु प्रार्थना की।
वैदिक रीति से अपनी मां का दाह संस्कार उनके पुत्र के. वेंकटरमण घनपाठी ने अपने भाईयों श्री शिव कुमार शास्त्री एवं शंकर नारायण सहित अनेकों वैदिकों के साथ ही काशी के अपने हजारों प्रिय बंधुओं की उपस्थिति में हरिश्चंद्र घाट पर पूर्ण किया। सभी ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी।
मुखाग्नि के. वेंकट रमण घनपाठी ने दिया।
हुतात्मा के. मंगलम् अपने पीछे पुत्र-पुत्रियों पौत्र-पौत्रियों सहित भरा-पुरा परिवार छोड़ गोलोक प्रस्थान किया।










