पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। जिले के हर नगर पंचायत और ग्राम सभा में गुटखा व सिगरेट की कालाबाजारी ने छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। केंद्र सरकार द्वारा मादक पदार्थों पर लगाए गए भारी टैक्स के बावजूद थोक विक्रेता मनमाने ढंग से दाम वसूल रहे हैं। प्रिंट रेट की अनदेखी कर उपभोक्ताओं का खुला शोषण हो रहा है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।थोक बाजारों में प्रिंट रेट से दोगुना दाम
सर्वे में पाया गया कि ‘कमला पसंद’ का प्रसिद्ध डब्बा, जिसका प्रिंट रेट स्पष्ट रूप से 136 रुपये लिखा है, थोक दुकानदारों द्वारा 190 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार ‘शुद्ध प्लस’ गुटखा का प्रिंट रेट 120 रुपये होने पर भी 170 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। थोक बाजारों में यह कालाबाजारी खुलेआम फल-फूल रही है।छोटे दुकानदार परेशान, कई ने ठप की दुकानें
छोटे दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी व्यथा सुनाई। एक दुकानदार ने बताया, “बड़े थोक विक्रेता (होलसेलर) और कंपनी एजेंसी वाले दाम दोगुने-तिगुने वसूल रहे हैं। माल समय पर नहीं मिलता, पूंजी की कमी से हम मजबूर हैं। कई साथी दुकानें बंद कर चुके हैं।” दूसरे ने कहा, “उपभोक्ता ऊंचे दाम देखकर झगड़ा करते हैं, जिससे झड़पें हो रही हैं। लोग पहले से ही कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे हैं।”इस चक्र से न केवल छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे, बल्कि आम उपभोक्ता भी महंगे दामों का शिकार बन रहे हैं। जिला प्रशासन की चुप्पी से अवैध कारोबार को बल मिल रहा है। व्यापारियों ने एसडीएम और डीएम से तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की है।









