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रेशम उद्योग को नई उड़ानः बुनकरों ने सीखी आधुनिक तकनीकें

टेक्नोलॉजी से मजबूत होंगे बुनकर, कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।

केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वाराणसी द्वारा अयोध्यापुर (कोटवा) में बुधवार 18 मार्च को आयोजित टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन कार्यक्रम में बुनकरों का उत्साह देखते ही बना। कार्यक्रम में 100 से अधिक बुनकरों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों और नई प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों को मानक रंगाई प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत पैम्फलेट वितरित किए गए तथा रेशम की शुद्धता जांच की विधियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही रेशम रीलिंग (सिल्क रीलिंग) का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित बुनकरों ने बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
इस अवसर पर विभिन्न सरकारी संस्थानों.. बुनकर सेवा केंद्र, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, निटरा, रेशम निदेशालय तथा हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग परिक्षेत्र, वाराणसी ने भी सहभागिता की। सभी संस्थानों ने बुनकरों को अपनी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं की विस्तार से जानकारी देकर उन्हें लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्थानीय उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे। इनमें संगीता सिल्क क्रिएशन के प्रोप्राइटर विशाल कुमार, ग्राम प्रधान पद प्रत्याशी अनिल मौर्य, कृषक विकास ग्राम उद्योग संस्थान के प्रमुख संदीप कुमार, शिल्पगुरु सम्मानित हस्तशिल्पी महेश कुमार, ओ.पी. कश्यप तथा सर्वेश कुमार श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुनकर समुदाय को आधुनिक तकनीकों, गुणवत्ता सुधार के उपायों और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रति जागरूक करना था। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बुनकरों के लिए लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।

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