चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के स्वागत में सनातन संस्कृति का भव्य कार्यक्रम
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।
जागृत युवा मंच के तत्वावधान में भारत माता मंदिर परिसर में विक्रम संवत 2083 के नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का अभिनंदन समारोह हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सनातन परंपरा, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति की भव्य छटा देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार और गणेश वंदना के साथ हुआ। गणेश वंदना की मनोहारी प्रस्तुति अंशिका जायसवाल ने दी, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात सांस्कृतिक संध्या ‘स्वरांजलि’ का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्र मोहन (पूर्व क्षेत्र शारीरिक प्रमुख एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्राम विकास संयोजक) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संध्या ओझा उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने की। स्वागताध्यक्ष के रूप में काशी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. टी.पी. सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
सांस्कृतिक संध्या में सुविख्यात लोकगायक स्वराज सिंह ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनके गीतों ने नव संवत्सर के स्वागत को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। संयोजन की जिम्मेदारी प्रीति जायसवाल, राजेश राय ‘मुन्ना’ और श्रीकांत राजू सिंह ने संभाली।
इस अवसर पर डॉ. हर्षा राय, प्रिया मिश्रा, रेखा चौरसिया, वैदेही सिंह, उमा जायसवाल, भावना सिंह, शिवानी उपाध्याय, आरती पांडेय, रूपा जायसवाल, पवन गुप्ता, आकाश साहनी, सुमित दुबे, रवि राय, अतुल राय, शशि राय, शिव प्रकाश चौबे, सिन्धु सोनकर, जितेंद्र सिंह सोनी, भरत सिंह, विजेंद्र सिंह, नीरज सिंह, गोरख, सुनील, आदर्श, उज्ज्वल, अंशु सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन नव संवत्सर के स्वागत के संकल्प के साथ हुआ, जहां सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार का संदेश दिया गया।










