पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
सोनभद्र। जनपद के अनपरा स्थित आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, रेनूसागर की कक्षा 10वीं की होनहार छात्रा आरोही बृजेश ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (YUVIKA) में चयनित होकर सफलता हासिल की है तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) के तीनों चरण भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किए हैं।
अब आरोही चौथे चरण के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर में भाग लेने जा रही हैं, जिसे उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
बेंगलुरु में आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आरोही ने अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक, रॉकेट विज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगों की गहन जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें इसरो के वैज्ञानिकों से संवाद करने का अवसर भी मिला, जिससे उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा मिली। कार्यक्रम के समापन पर उन्हें इसरो द्वारा “Certificate of Participation” प्रदान किया गया। आरोही की इस उपलब्धि से विद्यालय एवं क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।
हिंडालको रेनूसागर के यूनिट हेड आर.पी. सिंह, एचआर हेड आशीष पांडेय, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इससे पूर्व भी आरोही ने “विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2025–26” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय शिविर (लेवल-III) में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया था। यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसका आयोजन विज्ञान भारती द्वारा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद एवं एनसीईआरटी का सहयोग रहता है।
राज्य स्तरीय परीक्षा गोरखपुर स्थित कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट (KIPM) टेक्निकल कैंपस में आयोजित हुई थी, जिसमें प्रदेश भर के मेधावी विद्यार्थियों ने भाग लिया।
आरोही ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता वंदना वी. कुमार, पिता बृजेश कुमार एवं शिक्षिका रचना श्रीवास्तव को दिया। उन्होंने बताया कि भविष्य में वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में कार्य कर देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं। साथ ही तकनीकी क्षेत्र के अलावा संगीत एवं खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाना उनका लक्ष्य है।










