औराई, भदोही। क्षेत्र के जयरामपुर स्थित नूरबाग में दरगाह हजरत बाबा नूर आलम सहा का सालाना दो दिवसीय उर्स पूरे धार्मिक उल्लास, अकीदत और भाईचारे के साथ सकुशल संपन्न हो गया। उर्स के दूसरे दिन भी देर रात तक जायरीन की भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे पूरा क्षेत्र रौनक से भरा रहा।
उर्स के समापन अवसर पर अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी लगाकर चादरपोशी की और अपनी-अपनी मुरादों के लिए दुआ मांगी। इस दौरान लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की कामना की। दूर-दराज से आए जायरीन की मौजूदगी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
पूरे उर्स के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रही, जिसमें कुरानखानी, फातिहा और दुआओं का विशेष आयोजन किया गया। उर्स के मौके पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां हर वर्ग और समुदाय के लोग एक साथ नजर आए।
उर्स के आयोजक सज्जादा एवं गद्दी नशीन सूफी शफीक अहमद शम्सी कादरी के नेतृत्व में आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उनके साथ अबु बकर, मोइनुद्दीन, ताजुद्दीन, बशीर अहमद बख्तियार आलम आदि लोगों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग किया।
मेले/उर्स के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई गईं।
उर्स के सफल समापन के साथ ही क्षेत्र में खुशी और संतोष का माहौल देखने को मिला। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी प्रेम, भाईचारे और आस्था का प्रतीक बनकर लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया।










