शिक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, जनप्रतिनिधियों व शिक्षकों की सहभागिता
पूर्वांचल राज्य वाराणसी (चोलापुर)।
बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में चल रही योजनाओं को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बीआरसी चोलापुर परिसर में ब्लॉक स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, प्रधानाध्यापकों एवं जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व ब्लॉक प्रमुख त्रिभुवन नारायण सिंह तथा विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शिखा श्रीवास्तव रहीं, जबकि अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया।
संगोष्ठी में ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) तथा आउट ऑफ स्कूल बच्चों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। एआरपी द्वारा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
ब्लॉक प्रधान संघ के अध्यक्ष रामसूरत यादव ने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया। खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने कहा कि विद्यालय स्तर पर छोटे-छोटे कार्यों को प्राथमिकता देकर शैक्षिक वातावरण को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में कायाकल्प के मानक लगभग पूर्ण हो चुके हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह एवं जितेंद्र सिंह ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम में कंपोजिट विद्यालय चोलापुर के बच्चों ने आकर्षक पीटी प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। अंत में सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
कार्यक्रम का संचालन अजीत सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
इनसेट बॉक्स-
मुख्य अतिथि त्रिभुवन नारायण सिंह का वक्तव्य
“शिक्षा किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव होती है। आज सरकारी विद्यालयों में जो सकारात्मक बदलाव दिख रहा है, वह शिक्षकों की मेहनत और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। हमें मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी होगी।”










