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मियावाकी पद्धति से हिन्डाल्को रेनुसागर में हरित पहल, पर्यावरण संरक्षण का दिया गया मजबूत संदेश

पूर्वांचल राज्य संवाददाता – दीपू तिवारी

अनपरा (सोनभद्र)। हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के रेनुपावर डिवीजन, रेनुसागर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मधुबन पार्क में मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना, जैव विविधता को सुदृढ़ करना और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूनिट हेड आर.पी. सिंह ने पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “पर्यावरण बचाना है तो केवल विचार नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना होगा।” उनके अनुसार ऐसे प्रयास न केवल हरित क्षेत्र को बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए पर्यावरण विभाग के प्रमुख कमलेश मौर्य ने मियावाकी तकनीक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पद्धति के तहत कम स्थान में अधिक घनत्व के साथ तेजी से विकसित होने वाले छोटे-छोटे जंगल तैयार किए जाते हैं। इस तकनीक से पौधों की वृद्धि दर सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में कई गुना अधिक होती है और यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक होती है।

इस अवसर पर संचालन विभाग के हेड मनीष जैन के साथ-साथ सौम्या मिश्रा, ललित खुराना, सदानंद पांडेय, संतोष श्रीवास्तव, सलोनी पाल और अजय मिश्रा सहित कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

इस आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

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