पूर्वांचल राज्य संवाददाता – दीपू तिवारी
सोनभद्र जनपद में रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश (प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन) के तत्वाधान में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रॉबर्ट्सगंज स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. मौर्य ने की। समारोह में जिले भर के प्राइवेट चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नन्दजी सिंह तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अजीत सिंह, डॉ. गोपाल शरण सिंह, डॉ. इन्द्रजीत सिंह और वाराणसी के जॉर्जियन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, चितईपुर से जुड़े चिकित्सक उपस्थित रहे। अतिथियों ने होली पर्व के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व बसंत ऋतु का प्रतीक होने के साथ-साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी देता है।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत अनुभवी चिकित्सक लोगों के लिए किसी भगवान से कम नहीं हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वे प्राथमिक उपचार देकर लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सचिव डॉ. भूपेन्द्र कुमार पाठक ने चिकित्सकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्षों के अनुभव के आधार पर सेवा दे रहे प्राइवेट चिकित्सकों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच और रजिस्ट्रेशन के नाम पर शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में आज भी चिकित्सकों की भारी कमी है और ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत अनुभवी चिकित्सक ही स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आर.के. पटेल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इन चिकित्सकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अधिकतम मरीजों का उपचार किया और अनेक लोगों की जान बचाई। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे चिकित्सकों को ‘कोरोना योद्धा’ के रूप में सम्मानित किया जाना चाहिए।
अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. मौर्य ने संगठन की प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि पंजीकृत चिकित्सकों की देखरेख में 5 से 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले चिकित्सकों को 6 माह से 1 वर्ष का प्रशिक्षण देकर प्राथमिक उपचार की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही आयुर्वेद रत्न और वैद्य विषारद पद्धति से चिकित्सा करने वाले चिकित्सकों को मान्यता देने, आरएमपी रजिस्ट्रेशन को पुनः बहाल करने तथा प्रत्येक 1500 की आबादी पर एक ‘चिकित्सा मित्र’ नियुक्त करने की मांग भी रखी गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 20 लाख ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर ‘स्वास्थ्य मित्र’ घोषित करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष द्वारा पूर्वांचल मीडिया क्लब के अध्यक्ष विवेक कुमार पाण्डेय को उत्कृष्ट कार्य के लिए शाल और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. लोकपति सिंह, डॉ. उदयनाथ सिंह, अमित मिश्रा, आलोकपति तिवारी, विनय सिंह, मुनि महेश शुक्ल, डॉ. बी.आर. मौर्य, डॉ. डी.के. विश्वकर्मा, डॉ. पी.के. विश्वास, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. एस.पी. सिंह पासवान, डॉ. अनिल विश्वकर्मा, डॉ. पी.के. राय, डॉ. हीरालाल मौर्य, डॉ. जावेद अंसारी, डॉ. ज्वाला सिंह, डॉ. एम.पी. यादव, डॉ. कृपाशंकर चौहान सहित सैकड़ों ग्रामीण चिकित्सक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राम अवतार चौहान, जिलाध्यक्ष सोनभद्र द्वारा किया गया।










