पूर्वांचल राज्य/चंदौली
चंदौली।विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद की 734 ग्राम पंचायतों में से 243 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
इनमें 6 ग्राम पंचायतों ने ‘गोल्ड’, 45 ने ‘सिल्वर’ तथा 192 पंचायतों ने ‘ब्रॉन्ज’ श्रेणी के मानदंड पूरे किए हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने ‘गोल्ड’ और ‘सिल्वर’ श्रेणी की पंचायतों के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया, जबकि ‘ब्रॉन्ज’ श्रेणी की पंचायतों को ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत ग्राम प्रधानों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) और आशा कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण भी किया। साथ ही जनपद में 24 मार्च से 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया।
इस अभियान के तहत 2,60,861 उच्च जोखिम वाली आबादी की व्यापक स्क्रीनिंग की जाएगी। सभी संदिग्ध व्यक्तियों का एक्स-रे तथा ‘नाट’ मशीन के माध्यम से परीक्षण किया जाएगा और टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनपद चंदौली ने 7 दिसंबर 2024 से संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, पूर्ण उपचार और जनजागरूकता ही टीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है।
जनपद चंदौली टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, निजी क्षेत्र और जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।










