पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुबहड़ पर बुधवार के दिन वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिनव मिश्रा सहित अधीक्षक डाक्टर सत्य प्रकाश कुशवाहा ने किया। इसके बाद मानसिक रोग से ग्रसित बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों में फल का वितरण भी किया। शिविर में आए मरीजों का उपचार किया गया। शिविर में कुल 253 मरीज का परीक्षण किया गया। अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान परिवेश को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता जरूरी है। ऐसे रोगियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। दवा के साथ नियमित खयाल रखने की जरूरत होती है। मानसिक रोग के प्रति जागरुकता के साथ ही उचित परामर्श व बेहतर उपचार के लिए यह शिविर आयोजित है। यदि हम थोड़ा सा संवेदनशील होकर मानसिक रोगी का सही समय से उपचार कराएं तो रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। कुछ मामलों में यह भावनाएं मानसिक बीमारी का कारण बन सकती हैं। यह 14 साल की उम्र से शुरू होता है लेकिन ज्यादातर मामलों का पता नहीं चल पाता और इलाज नहीं होता है। किशोरों व नौजवानों में मानसिक बीमारी का एक प्रमुख कारण अवसाद (डिप्रेशन) है। मानसिक बीमारी के लक्षण, पहचान और जानकारी न होने के कारण यह समस्या बढ़ जाती है। स्वास्थ कार्यकर्ता गौरव गिरि ने लोगों को मानसिक बीमारी के लक्षण व नशे से उत्पन्न होने वाली मानसिक बीमारी व उसके उपचार के बारे में जागरूक किया। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट रीनू कुमारी ने कहा कि मंदबुद्धि बच्चों का परीक्षण तथा उसके उपचार के साथ काउंसिलिंग करके इलाज़ हो सकता है। आदित्य अंजल ने लोगों का परीक्षण किया। कैम्प में बीपी, शुगर की जांच के साथ फार्मासिस्ट द्वारा दवा वितरण किया गया ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक मनान खान ने बताया कि कैम्प में 253 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें 17 मानसिक रोगियों को उपचार किया गया। उच्च जोखिम के 8 मरीजों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। शिविर में डॉ ज्योति सिंह, सहायक शोध अधिकारी ,जिला परामर्शदाता अमर कुमार पाल द्वारा फ्लोरोसिस, उसके लक्षण व बचाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।
दुबहड़ सीएचसी पर लगा वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर, 253 मरीजों का हुआ परीक्षण, 8 मानसिक रोगी रेफर










