प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद उनकी तीन चीनी मिलों सहित करीब 1000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
जांच से बचते रहे आरोपी
ईडी के मुताबिक, मोहम्मद इकबाल लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचते रहे और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसी वजह से Fugitive Economic Offenders Act के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
मोहम्मद इकबाल पर अवैध खनन, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। ईडी काफी समय से उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही थी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
वर्ष 2024 में भी ईडी ने इकबाल से जुड़ी एक कथित अवैध यूनिवर्सिटी को जब्त किया था। उस संस्थान का संचालन उनके भाई और बेटों द्वारा किए जाने की बात सामने आई थी।
अदालत के आदेश पर जब्ती
न्यायालय के निर्देश के बाद संपत्तियों की जब्ती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से आर्थिक अपराध करने वालों को सख्त संदेश जाएगा कि कानून से बचना आसान नहीं है।
आगे की जांच जारी
ईडी अब मामले से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले समय में और कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।










