पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र) के खाड़पाथर क्षेत्र में स्थित एक निजी महाविद्यालय परिसर में बुधवार को भूमि कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को समझाकर शांति बनाए रखने की अपील की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाड़पाथर स्थित बाबूराम सिंह महाविद्यालय में विवाद उस समय शुरू हुआ जब महाविद्यालय के प्रबंधक बलवंत सिंह के बड़े भाई यशवंत सिंह अपने समर्थकों के साथ परिसर में पहुंचे और बाउंड्री तोड़ने लगे। इस पर कॉलेज में मौजूद शिक्षकों ने विरोध जताते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी जितेंद्र सरोज ने दोनों पक्षों की बात सुनी और स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को विधिक प्रक्रिया का पालन करना होगा और शांति व्यवस्था भंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाविद्यालय की प्राचार्या जॉली अंबष्ट ने बताया कि विवादित भूमि पर लंबे समय से कॉलेज का कब्जा है और विपक्षी पक्ष के पास किसी भी सक्षम प्राधिकारी का कोई आदेश नहीं है, इसके बावजूद जबरन कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, राधिका इंस्टिट्यूट के प्रबंधक यशवंत सिंह का कहना है कि यदि प्रशासन उन्हें कार्य रोकने के लिए कहता है तो लिखित आदेश दिया जाए, तभी वे काम रोकेंगे।
चौकी प्रभारी ने दोनों पक्षों को सलाह दी कि वे अपने विवाद को न्यायालय या संबंधित सक्षम अधिकारी के माध्यम से सुलझाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को कार्य रुकवाना है तो वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, तभी पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।
हालांकि, प्राचार्या जॉली अंबष्ट ने आरोप लगाया कि पुलिस के मौके से जाने के बाद विपक्षी पक्ष ने अधिक संख्या में मजदूर लगाकर जबरन महाविद्यालय की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश जारी रखी।
यह मामला अब प्रशासन के लिए चुनौती बनता नजर आ रहा है,










