पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
चोपन (सोनभद्र) स्थानीय थाना क्षेत्र में देर रात एक संवेदनशील घटना समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई और साहसिक प्रयासों के कारण बड़ी त्रासदी में बदलने से बच गई। यह घटना मानव संवेदनशीलता, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन के साहस का उदाहरण बनकर सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुरुहुल गांव की निवासी गीता देवी (पत्नी अनिल यादव) ने पारिवारिक विवाद के चलते अत्यंत भावनात्मक स्थिति में अपने लगभग तीन वर्षीय बच्चे के साथ सोन नदी में छलांग लगा दी। घटना रात लगभग 11:30 बजे की बताई जा रही है, जब आसपास का क्षेत्र शांत था।
इसी दौरान नदी के पास स्थित सोन पम्प पावर हाउस पर तैनात उपखंड अधिकारी (प्रथम) राबर्ट्सगंज धर्मेन्द्र सिंह, उपखंड अधिकारी प्रदीप गुप्ता तथा सहायक अभियंता (भंडार) मयंक वर्मा ड्यूटी पर मौजूद थे। अचानक बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वे सतर्क हुए और तत्काल घटनास्थल की ओर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि महिला नदी में डूब रही है और स्थिति अत्यंत गंभीर है। बिना समय गंवाए उपखंड अधिकारी (प्रथम) राबर्ट्सगंज के वाहन चालक बबलू कुमार ने साहस का परिचय देते हुए नदी में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रात का समय और नदी की तेज धारा इस कार्य को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रहे थे।
घटना के बाद तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। महिला को प्राथमिक उपचार देते हुए सुरक्षित चिकित्सा टीम के सुपुर्द कर दिया गया।
समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। क्षेत्र में इस साहसिक कार्य की व्यापक सराहना की जा रही है।










