पूर्वाचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
सोनभद्र ( रेणुकूट ) नगर क्षेत्र में प्राइवेट स्कूलों और ओम स्टेशनर्स बुक डिपो दुकानों के बीच कथित मिलीभगत को लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि छात्रों और उनके अभिभावकों को एक ही दुकान से महंगे दामों पर किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
स्थानीय ओम स्टेशनर्स बुक डिपो पर आरोप है कि वह बिना जीएसटी बिल दिए पुस्तकों की बिक्री कर रहा है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें न तो पक्की रसीद दी जाती है और न ही बिलिंग में पारदर्शिता बरती जाती है।
बताया जा रहा है कि कक्षा 3 की किताबों का सेट लगभग 4,000 रुपये और कॉपियों का सेट करीब 600 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जो सामान्य बाजार मूल्य से अधिक बताया जा रहा है। इसको लेकर अभिभावकों में खासा आक्रोश है।
वहीं निर्मला कॉन्वेंट स्कूल पर भी आरोप है सूत्रों द्वारा बताया जा रहा कि करीब एक हजार छात्रों को एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की ओर से भी स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी दुकानदार निर्धारित दरों पर ही किताबें बेचें और प्रत्येक बिक्री पर जीएसटी बिल देना अनिवार्य होगा।
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और इस प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।









