पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
रेणुकूट सोनभद्र पिपरी स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय से एक सख्त प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया है। अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने पूरे वितरण क्षेत्र में बिजली के खंभों पोलो पर लगाए गए अवैध तारों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली के पोलो पर निजी व्यक्तियों, इंटरनेट केबल ऑपरेटरों तथा अन्य विभागों द्वारा बिना अनुमति लगाए गए तार विद्युत आपूर्ति में गंभीर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इन अवैध तारों के कारण आए दिन तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि कई स्थानों पर लोगों ने मनमाने ढंग से अपने तार बिजली के खंभों पर फैला दिए हैं। इससे न केवल विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। विशेष रूप से बारिश और तेज हवा के दौरान ये तार टूटकर गिर सकते हैं, जिससे करंट लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इन अवैध तारों के चलते विभाग के रखरखाव और मरम्मत कार्य में भी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों को काम के दौरान अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पूरे क्षेत्र में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत Chopan,, Dala,, Obra,, Duddhi, ,Myorpur, ,Bijpur, Babhani, ,Windhamganj और Kon सहित सभी क्षेत्रों में बिजली के खंभों से अवैध तारों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने सभी संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं और कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे 20 अप्रैल तक अपने-अपने अवैध तार स्वयं हटा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर तार नहीं हटाए गए, तो विद्युत विभाग स्वयं अभियान चलाकर ऐसे सभी तारों को जबरन हटाकर नष्ट कर देगा। इस दौरान होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति या संस्था की होगी।
अंत: आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें और सुरक्षा तथा सुचारु विद्युत आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए विभाग के निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या असुविधा से बचा जा सके।









