पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अगऊर का नाम परिवर्तन कर सामुदायिक अंकित करा दिया है। हालांकि, इलाकाई लोगों को बेहतर उपचार की उम्मीद तो बढ़ी है। लेकिन अस्पताल पर सुविधा बढ़ाने और स्टाफ की कमी दूर किए बिना इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। चूंकि उच्चीकृत पीएचसी अगऊर पर सीएचसी पर कोई सुविधा नहीं है। क्षेत्रीय लोग नाम बदलने के बावजूद जमीनी हकीकत से चिंतित हैं। कारण कि अगऊर अस्पताल में फिलहाल एक चिकित्सक डॉ. सीपी पाण्डेय तैनात है, जिसके कारण यहां केवल ओपीडी सेवाएं ही संचालित हो पा रही है। यहां न तो इमरजेंसी की व्यवस्था है, न ही पैथोलाजी और बेड आदि की सुविधा। लगभग छह महीने से एक्सरे मशीन भी बंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए, साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरण और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकें। देखना है कि प्रशासन केवल नाम परिवर्तन तक सीमित रहता है या वास्तव में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाता है।
पीएचसी अगऊर बना सीएचसी, जगी व्यवस्था बदलने की उम्मीद










